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Satan

55 वचन

इन्हें भी कहा जाता है: Beelzebub

Satan का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. किंतु थुआतेइरा के शेष लोगों के लिए, जो इस शिक्षा से सहमत नहीं हैं तथा जो शैतान के कहे हुए गहरे भेदों से अनजान हैं, मेरा संदेश यह है, ‘मैं तुम पर कोई और बोझ न डालूंगा.

  2. सुनो! जो शैतान की सभा के हैं और स्वयं को यहूदी कहते हैं, किंतु हैं नहीं, वे झूठे हैं. मैं उन्हें मजबूर करूंगा कि वे आएं तथा तुम्हारे पावों में अपने सिर झुकाएं और यह जान लें कि मैंने तुमसे प्रेम किया है.

  3. तब उस परों वाले सांप को—उस आदि सांप को, जो दियाबोलॉस तथा शैतान कहलाता है और जो पृथ्वी के सभी वासियों को भरमाया करता है, पृथ्वी पर फेंक दिया गया—उसे तथा उसके दूतों को भी.

  4. उसने उस परों वाले सांप को—उस पुराने सांप को, जो वस्तुतः दियाबोलॉस या शैतान है, एक हज़ार वर्ष के लिए बांध दिया.

  5. हज़ार वर्ष का समय पूरा होने पर शैतान उसकी कैद से आज़ाद कर दिया जाएगा.