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फ़िलिप्पॉय १:२१-२६

मेरे लिए जीवित रहना मसीह है और मरना लाभ

फ़िलिप्पॉय १:२१-२६
२१
इसलिये कि मेरे लिए जीवित रहना मसीह है और मृत्यु लाभ है.
२२
किंतु यदि मुझे शरीर में जीना ही है तो यह मेरे लिये फलपूर्ण सार्थक परिश्रम होगा. मैं क्या चुनूं मैं नहीं जानता!
२३
मैं उधेड़-बुन में हूं. मेरी इच्छा तो यह है कि मैं शरीर त्याग कर मसीह के साथ जाता रहूं, यही मेरे लिए कहीं अधिक उत्तम है;
२४
फिर भी तुम्हारे लिए मेरा शरीर में जीवित रहना अधिक आवश्यक है.
२५
मेरा दृढ़ विश्वास है कि मैं जीवित रहूंगा और तुम्हारे विकास और विश्वास में आनंद के कारण तुम्हारे बीच बना रहूंगा,
२६
कि तुमसे भेंट करने मेरा दोबारा आना मसीह येशु में मेरे प्रति तुम्हारे गौरव को और भी अधिक बढ़ा दे.
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