गणना १३:१-२०
१
याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी,
२
“भेद लेने के उद्देश्य से अपने कुछ व्यक्ति कनान देश को भेज दो; कनान जो मैं इस्राएल के घराने को देने जा रहा हूं. हर एक गोत्र से एक-एक प्रधान को भेजना.”
३
फिर मोशेह ने याहवेह के आदेश के अनुसार इन्हें पारान के निर्जन प्रदेश से भेज दिया. ये सभी इस्राएल के घराने के प्रधान थे.
४
उनके नाम इस प्रकार थे: रियूबेन के गोत्र से ज़क्कूर का पुत्र शम्मुआ;
५
शिमओन के गोत्र से होरी का पुत्र शाफात;
६
यहूदिया के गोत्र से येफुन्नेह का पुत्र कालेब;
७
इस्साखार के गोत्र से योसेफ़ का पुत्र यिगाल;
८
एफ्राईम के गोत्र से नून का पुत्र होशिया;
९
बिन्यामिन के गोत्र से राफू का पुत्र पालती;
१०
ज़ेबुलून के गोत्र से सोदी का पुत्र गद्दिएल;
११
योसेफ़ के गोत्र से अर्थात् मनश्शेह के गोत्र से सुसी का पुत्र गद्दी;
१२
दान के गोत्र से गमेली का पुत्र अम्मिएल;
१३
आशेर के गोत्र से मिखाएल का पुत्र सेथुर;
१४
नफताली के गोत्र से वोफसी का पुत्र नाहबी;
१५
तथा गाद के गोत्र से माखी का पुत्र गेउएल.
१६
ये नाम उन व्यक्तियों के हैं, जिन्हें मोशेह ने उस देश का भेद लेने के उद्देश्य से भेजा था. (मोशेह नून के पुत्र होशिया को यहोशू बुलाते थे.)
१७
कनान देश में भेद लेने के उद्देश्य से भेजते हुए मोशेह ने उन्हें यह आज्ञा दी, “तुम उस नेगेव प्रदेश में जाओ; उसके बाद पर्वतीय प्रदेश में जाना.
१८
देखना कि वह देश किस प्रकार का है, वहां के निवासी बलवान हैं या कमजोर, संख्या में कम हैं या बहुत.
१९
वह देश, जहां लोग निवास करते हैं, कैसा है वह देश, अच्छा या बुरा? कैसे हैं वे नगर, जहां वे निवास करते हैं, क्या ये नगर खुले में हैं अथवा वे क़िले में बसे हैं?
२०
वहां की भूमि कैसी है, उपजाऊ या बंजर? वहां वृक्ष हैं या नहीं? इसके बाद तुम उस देश के कुछ फल साथ ले आने की कोशिश करना.” (यह अंगूरों की पहली पकी फसल का समय है.)
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