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1 इतिहास १२:२३-३८

1 इतिहास १२:२३-३८

२३
हज़ारों सेना की टुकड़ियों की गिनती इस प्रकार है. ये सब दावीद के पास हेब्रोन में आए थे, कि उन्हें शाऊल का शासन सौंप दें, जैसी कि याहवेह का कहा गया वचन था:
२४
ढाल और भालाधारी यहूदिया के हज़ार सैनिकों की गिनती 6,800 थी;
२५
शिमओन से वीर योद्धा 7,100;
२६
लेवी से 4,600,
२७
अहरोन से शासक यहोयादा और उसके साथ 3,700 सैनिक.
२८
सादोक एक वीर योद्धा था, उसी के परिवार से बाईस सेनापति पैदा हुए थे.
२९
इस समय तक बिन्यामिन से, शाऊल के संबंधी 3,000 थे, क्योंकि अब तक शाऊल के प्रति विश्वासयोग्य थे;
३०
एफ्राईम से अपने पिता के वंश से प्रख्यात योद्धा 20,800;
३१
मनश्शेह के आधे गोत्र से 18,000; इन्हें साफ़-साफ़ कह दिया गया था कि वे आकर दावीद का राजाभिषेक करें.
३२
इस्साखार से 200 प्रधान थे, जिनके सभी संबंधियों पर उनका अधिकार था;
३३
ये वे थे, जिन्हें यह अहसास था कि इस्राएल के लिए कब क्या करना सबसे सही होगा. ज़ेबुलून से 50,000 वीर योद्धा थे; इनके पास युद्ध के सभी प्रकार के हथियार थे. ये दावीद के प्रति पूरी तरह समर्पित थे, वे चंचल न थे.
३४
नफताली से 37,000 सैनिक थे, जिन पर 1,000 सेनापति थे;
३५
लड़ाई के लिए तैयार दान गोत्र से 28,600;
३६
आशेर गोत्र से 40,000 युद्ध के लिए तैयार अनुभवी सैनिक;
३७
यरदन नदी के दूसरी ओर से, रियूबेन के गोत्र, गाद के गोत्र और मनश्शेह के आधे गोत्र से और गाद वंश गोत्र को दी गई भूमि के भाग से 1,20,000 सैनिक, जो युद्ध के लिए सभी प्रकार के हथियारों से सजे थे.
३८
ये सभी, जो वीर योद्धा थे, जो युद्ध व्यूह बनाने में निपुण थे. दावीद को पूरे इस्राएल पर राजा बनाने की मंशा को लेकर हेब्रोन आए और सारा इस्राएल भी चाहते थे की दावीद अपना राजा बनें.
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