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The Levites के बारे में बाइबल के वचन

255 वचन · 63 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. इस प्रकार तुम भी याहवेह को अपने दसवें अंश में से एक अंश भेंट के रूप में चढ़ाओगे, जो तुमने इस्राएल के घराने से प्राप्‍त किया था. तुम इस अंश में से पुरोहित अहरोन को याहवेह के लिए चढ़ाई भेंट दिया करोगे.

  2. अपनी सभी भेंटों में से याहवेह के लिए ठहराई गई हर एक भेंट चढ़ाओगे; उन सब में से, जो सबसे उत्तम है, जो उनमें एक पवित्र अंश है.’

  3. “तुम उन्हें सूचित करोगे, ‘जब तुमने इसमें से सबसे उत्तम भेंट दिया है, तब जो शेष रह जाएगा, वह लेवियों के लिए खलिहान का उत्पाद तथा दाखरस कुंड का उत्पाद माना जाएगा.

  4. तुम इसको कहीं भी खा सकते हो, तुम तथा तुम्हारे घर-परिवार; क्योंकि यह मिलनवाले तंबू के लिए तुम्हारे द्वारा की जा रही सेवा के बदले में होगा.

  5. जब तक तुम इसमें से सर्वोत्तम भेंट करते रहोगे, तुम दोषी नहीं पाए जाओगे; किंतु तुम किसी भी रीति से उन पवित्र भेंटों को अपवित्र नहीं करोगे; जो इस्राएल के घराने के द्वारा चढ़ाई गई हैं, नहीं तो तुम्हारी मृत्यु निश्चित है.’ ”

  6. “इस्राएलियों को यह आदेश दे देना कि वे अपनी मीरास में से अपने निज भाग की भूमि में से लेवियों को दे दें, कि वे उनमें रह सकें. तुम लेवियों को नगरों के आस-पास चराइयां भी दे दोगे.

  7. वे नगर उनके रहने के लिए हो जाएंगे तथा चराइयां उनके पशुओं, भेड़ों तथा सारे पशुओं के लिए.

  8. “वे, चराइयां, जो इन नगरों के चरागाह, जो तुम लेवियों को दे दोगे, उनका फैलाव होगा नगर की दीवार से लेकर बाहर की ओर चारों ओर साढ़े चार सौ मीटर होगा.

  9. तुम नगर के बाहर, उत्तर दिशा में नौ सौ मीटर, दक्षिण दिशा में नौ सौ मीटर, पूर्व दिशा में नौ सौ मीटर, तथा पश्चिम दिशा में नौ सौ मीटर प्रमाण नापोगे, जिससे वह नगर इस पूरे क्षेत्र के बीच में हो जाएगा. यह क्षेत्र उस नगर से संबंधित उनकी चराई हो जाएगा.

  10. “वे नगर, जो तुम लेवियों को दे दोगे, छः शरण शहर होंगे, जो तुम उस खूनी के लिए रख दोगे, जो भागकर यहां आएगा. इनके अलावा तुम बयालीस नगर और भी दे दोगे.

  11. लेवियों को दिए गए सारे नगरों की संख्या होगी अड़तालीस; और इनके साथ उनकी चराइयां भी शामिल हैं.

  12. यह ध्यान रहे कि तुम वे नगर, जो इस्राएलियों से लेकर लेवियों को दोगे, बहुत बड़े क्षेत्रफल के कुलों से अधिक नगर तथा छोटे क्षेत्रफल के कुलों से कम नगर बांट दोगे, हर एक गोत्र अपनी-अपनी मीरास के अनुपात में कुछ नगर लेवियों के लिए दान करेगा.”

  13. लेवी के विषय में मोशेह के वचन थे, “याहवेह, आपका थुम्मीम और आपका उरीम आपके विश्वासयोग्य लोगों के अधिकार में बना रहे, जिसे आप मस्साह में परख चुके हैं, जिसके साथ आपने मेरिबाह जल के सोते पर वाद-विवाद किया था;

  14. जिसने अपने पिता और अपनी माता के विषय में कहा था, ‘वे मेरे लिए कोई नहीं हैं.’ उसने अपने भाइयों को भी नहीं अपनाया, और न ही अपनी ही संतान को, क्योंकि वे आपके आदेश के पालक बने रहे, उन्होंने आपकी वाचा का सम्मान बनाए रखा.

  15. वे ही हैं, जो याकोब को आपके नियमों की शिक्षा देंगे, और इस्राएल को आपके विधान की. वे आपके सामने धूप जलाएंगे, और आपकी वेदी पर पूरी होमबलि भी.

  16. याहवेह, उसकी संपदा को समृद्धि प्रदान कीजिए, उसके हाथों के परिश्रम को स्वीकार कीजिए; उसके शत्रुओं की कमर को चूर-चूर कर दीजिए, कि वे कभी उठ न सकें.”

  17. तब उसने उन्हें आदेश दिया, “तुम्हें यह करना होगा: तुममें से एक तिहाई सैनिक, जो शब्बाथ पर काम के लिए ठहराए गए हैं, राजमहल पर पहरा देंगे.

  18. दूसरी तिहाई टुकड़ी सूर नामक द्वार पर और तीसरी तिहाई टुकड़ी पहरेदारों के पीछे के द्वार पर बारी-बारी से ठहराई गई थी.

  19. तुम्हारी दो टुकड़िया जो शब्बाथ पर काम के लिए ठहराई गई हैं, और जो राजा के लिए याहवेह के भवन की सुरक्षा के लिये चुनी गई हैं,

  20. राजा को घेरकर खड़ी हो जाएंगी, हर एक अपने शस्त्रों को लेकर. जो कोई सेना की पंक्ति के पास आएगा निश्चयतः मार डाला जाएगा. तुम्हें हर पल राजा के साथ साथ रहना है; उसके बाहर जाते और भीतर आते समय.”

  21. शतपति सेना नायकों ने पुरोहित यहोयादा की हर एक बात पूरी की. पुरोहित यहोयादा ने छुट्टी पर जा रहे किसी भी दल को शब्बाथ सेवा से अवकाश लेने न दिया. और जो सेवा के लिए आ रहे थे, वे सभी पुरोहित यहोयादा के सामने इकट्ठा हो गए.

  22. लेवी के पुत्र: गेरशोम, कोहाथ और मेरारी.

  23. गेरशोम के पुत्रों के ये नाम है: लिबनी और शिमेई.

  24. कोहाथ के पुत्र: अमराम, इज़हार, हेब्रोन और उज्ज़िएल.

  25. मेरारी के पुत्र: माहली और मूशी. पिताओं के आधार पर लेवी वंशजों के कुल इस प्रकार है: