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Geba

14 verses · 2 known names

इन्हें भी कहा जाता है: Gaba

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Geba का उल्लेख करने वाले वचन

  1. कफर-अम्मोनी, ओफनी तथा गेबा; ये सभी बारह नगर, उनके गांवों सहित.

  2. बिन्यामिन गोत्र से: गिबयोन, गेबा,

  3. योनातन ने गेबा में स्थित फिलिस्तीनियों की टुकड़ी को हरा दिया. फिलिस्तीनियों को इसकी सूचना प्राप्‍त हो गई. स्थिति को समझते हुए शाऊल ने सारे इस्राएल में यह संदेश भिजवा दिया, “सारे इब्री सावधान हो जाएं!”

  4. इसके बाद राजा आसा ने यहूदिया में सभी के लिए घोषणा की—किसी को छूट नहीं थी—सबने मिलकर राजा बाशा द्वारा लगाई निर्माण-सामग्री, पत्थर और लकड़ी लेकर आसा द्वारा बनाए जा रहे बिन्यामिन और मिज़पाह के गेबा में लगा दी.

  5. राजा ने यहूदिया के सारी नगरों से पुरोहितों को इकट्ठा कर गेबा से बेअरशेबा तक पूजा स्थलों को, जहां पुरोहित धूप जलाया करते थे, दूषित कर दिया, फिर द्वारों पर प्रतिष्ठित पूजा स्थलों को अर्थात् जो हाकिम यहोशू के फाटक के पास थे और फाटकों के बायीं ओर ढाली गई मूर्तियों को नाश कर दिया.

  6. तब बिन्यामिन गोत्र की सीमा से गिबियोन, इसके चरागाहों से इसके चरागाहों समेत गेबा, अलेमेथ, अनाथोथ इसके सभी उनके ये सभी नगर उनके गोत्रों के अधिकार में हमेशा ही बने रहे. ये कुल तेरह नगर थे.

  7. एहूद के पुत्र ये गेबा निवासियों के अधिकारी थे, इन्हें ही मानाहाथ को बंधुआई में ले जाया गया था:

  8. राजा आसा ने सारी यहूदी जनता को वहां ले जाकर रामाह के निर्माण स्थल से सारे पत्थर और लकड़ियां इकट्ठा कर लीं, जिनसे बाशा बनाने का काम कर रहा था. इस सामान को लेकर उसने गेबा और मिज़पाह नगरों की गढ़बन्दी कर दी.

  9. रामाह तथा गेबा के निवासी 621

  10. रामाह तथा गेबा के निवासी 621

  11. बिन्यामिन के वंशज भी गेबा से आगे की ओर बसते चले गए, मिकमाश और अय्याह में, बेथेल और इसके नगरों में,

  12. बेथ-गिलगाल और अपने खेतों से, गेबा और अज़मावेथ से भी, क्योंकि इन गायकों ने अपने लिए येरूशलेम के पास के क्षेत्रों में गांव बना लिए थे.

  13. वे घाटी पार करके, “वे गेबा में रात रुकेंगे.” रामाह डरा हुआ है; शाऊल का गिबियाह भाग गया है.

  14. सारी भूमि, गेबा से लेकर येरूशलेम के दक्षिण में रिम्मोन तक अराबाह के समान हो जाएगी. परंतु बिन्यामिन द्वार से लेकर पहले द्वार के लिए चिन्हित स्थान तक, तथा कोने के द्वार तक और हनानेल के मीनार से लेकर राजा के रसकुण्डों तक येरूशलेम को ऊंचा उठाया जाएगा, और यह अपने स्थान में बना रहेगा.