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Shelah के बारे में बाइबल के वचन

8 वचन · 1 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

  1. उसने एक और पुत्र को जन्म दिया, जिसका शेलाह नाम रखा. तब यहूदाह केज़ीब में रहते थे.

  2. यह देख यहूदाह ने अपनी बहू तामार से कहा, “जब तक मेरा पुत्र शेलाह, विवाह के योग्य न हो जाए, अपने पिता के घर विधवा बनकर रहना.” यहूदाह को डर था कि इस पुत्र की भी मृत्यु उसके भाइयों के समान हो जाए. इसलिये तामार अपने पिता के घर चली गई.

  3. तब तामार ने अपने विधवा के वस्त्र उतार दिए, और अपना मुंह घूंघट से छिपाकर एक चादर लपेट ली तथा तिमनाह के मार्ग पर एनाइम के प्रवेश द्वार पर बैठ गई. यह इसलिये किया क्योंकि उसका देवर शेलाह जवान हो चुका था तथा उससे उसका विवाह नहीं किया गया था.

  4. यहूदाह ने ये वस्तुएं देखते ही पहचान लीं और कहा, “वह तो मुझसे कम दोषी है, क्योंकि मैंने ही उसे शेलाह की पत्नी होने से रोका था.” यहूदाह ने उससे पुनः संभोग नहीं किया.

  5. यहूदाह के पुत्र: एर, ओनान, शेलाह, पेरेज़ तथा ज़ेराह (किंतु एर तथा ओनान की मृत्यु कनान देश में ही हो चुकी थी). पेरेज़ के पुत्र: हेज़रोन एवं हामुल.

  6. यहूदाह के परिवार समूह के ये परिवार हैं: शेलाह से शेलाह परिवार; पेरेज़ से पेरेज़ परिवार; ज़ेराह से ज़ेराह परिवार;

  7. यहूदाह के पुत्र: एर, ओनान और शेलाह. ये तीनों कनानी शुआ की पुत्री से पैदा हुए थे. (एर, यहूदाह का पहलौठा याहवेह की दृष्टि में दुष्ट था; इसलिये याहवेह ने उसके प्राण ले लिए.)

  8. यहूदाह के पुत्र: शेलाह के पुत्र एर, जो लेकाह का पिता था, लादाह, जो मारेशाह का पिता था, जो बेथ-अशबेआ नगर वंशमूल था जहां सन के कपड़े का काम होता था.