Shuah
इन्हें भी कहा जाता है: Shua
Shuah का उल्लेख करने वाले वचन
तब शुआ नामक एक कनानी व्यक्ति की पुत्री से मिले और उन्होंने उससे विवाह कर लिया और उससे प्रेम किया;
बहुत समय बाद शुआ की पुत्री अर्थात् यहूदाह की पत्नी की मृत्यु हो गई. यहूदाह अपने शोक के समय के बाद अपनी भेड़ों के ऊन कतरने वालों के पास तिमनाह को गया. उसके साथ उसका मित्र अदुल्लामी हीराह भी था.
यहूदाह के पुत्र: एर, ओनान और शेलाह. ये तीनों कनानी शुआ की पुत्री से पैदा हुए थे. (एर, यहूदाह का पहलौठा याहवेह की दृष्टि में दुष्ट था; इसलिये याहवेह ने उसके प्राण ले लिए.)