Prophets के बारे में बाइबल के वचन: Were consulted in all difficulties
Were consulted in all difficulties पर वचन
मगर उनके सेवक ने उन्हें यह सूचना दी, “सुनिए, इस नगर में परमेश्वर के एक जन रहते हैं; वह बहुत ही प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं. वह जो कुछ कह देते हैं, होकर ही रहता है. आइए हम उनके पास चलें. संभव है कि वह हमें मार्गदर्शन दें, कि यहां से हमारा कहां जाना सही होगा.”
शमुएल ने शाऊल से पूछा, “मुझे बुलाकर तुमने मेरा विश्राम भंग क्यों किया?” शाऊल ने उत्तर दिया, “मैं घोर संकट में आ पड़ा हूं. फिलिस्तीनी हमारे विरुद्ध युद्ध के लिए उठ खड़े हुए हैं. परमेश्वर मुझसे विमुख हो गए हैं. उनसे मुझे कोई भी उत्तर प्राप्त नहीं हो रहा: न तो भविष्यवक्ताओं के माध्यम से, न स्वप्नों के माध्यम से. इसलिये मुझे आपको कष्ट देना पड़ा है. कृपया मुझे बताइए मैं क्या करूं.”
यरोबोअम ने अपनी पत्नी से कहा, “ऐसा भेष बदलो, कि कोई भी तुम्हें पहचान न सके, कि तुम यरोबोअम की पत्नी हो. और तुम शीलो को चली जाओ, जहां भविष्यद्वक्ता अहीयाह रहते हैं. यह वही भविष्यद्वक्ता हैं, जिन्होंने मेरे विषय में यह भविष्यवाणी की थी, मैं ही इस प्रजा का राजा बन जाऊंगा.
अपने साथ दस रोटियां, कुछ टिकियां और एक कुप्पी शहद लेकर उनसे भेंटकरने चली जाओ. वही तुम्हें बताएंगे कि बालक का क्या होगा.”
यरोबोअम की पत्नी ने ऐसा ही किया. वह तैयार हो शीलो नगर में अहीयाह के घर पर जा पहुंची. बूढ़ा होने के कारण अहीयाह की नज़रें धुंधली पड़ चुकी थी, और वह देख नहीं सकता था.
मगर यहोशाफ़ात ने प्रश्न किया, “क्या यहां याहवेह का कोई भविष्यद्वक्ता नहीं, जिससे हम यह मालूम कर सकें?”