Geshur
इन्हें भी कहा जाता है: Geshurites
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Geshur का उल्लेख करने वाले वचन
लेकिन इस्राएल वंश ने गेशूरियों अथवा माकाहथियों को देश से बाहर नहीं निकाला था. आज तक वे इस्राएलियों के बीच ही रह रहे हैं.
उनका दूसरा पुत्र था किलियाब जो कर्मेलवासी नाबाल की विधवा पत्नी अबीगइल से पैदा हुआ था; उनका तीसरा पुत्र था अबशालोम, जो गेशूर के राजा तालमाई की पुत्री माकाह से पैदा हुआ था;
इस समय अबशालोम कूच करके गेशूर के राजा अम्मीहूद के पुत्र तालमाई की शरण में जा पहुंचा. राजा दावीद अपने पुत्र के लिए हर रोज़ रोते रहे.
अबशालोम भागकर गेशूर नामक स्थान पर गया और वहां तीन साल तक रहता रहा.
तब योआब गेशूर के लिए चले गए और अबशालोम को येरूशलेम ले आए.
अबशालोम ने योआब को उत्तर दिया, “याद है, मैंने आपसे विनती की थी, ‘आप यहां आएं, कि मैं आपको राजा की उपस्थिति में इस विनती के साथ भेजूं, “क्या लाभ हुआ मेरे गेशूर से यहां आने का? मेरे लिए अच्छा यही होता कि मैं वहीं ठहरा रहता!” ’ अब तो मुझे राजा के दर्शन करने दीजिए. यदि मैं उनकी दृष्टि में अपराधी हूं, तो वही मुझे मृत्यु दंड दे दें.”
अराम राष्ट्र के गेशूर में रहते हुए आपके सेवक ने यह संकल्प लिया था, ‘यदि याहवेह मुझे वास्तव में येरूशलेम लौटा ले आएंगे, मैं हेब्रोन में आकर याहवेह की वंदना करूंगा.’ ”
(किंतु गेशूर और अराम ने हव्वोथ-याईर, केनाथ और इन क्षेत्रों के साठ गांव इनसे छीन लिए.) ये सभी गिलआद के पिता माखीर के वंश के थे.
तीसरा अबशालोम, जिसका जन्म माकाह से हुआ, जो गेशूर के राजा तालमाई की पुत्री थी; चौथा पुत्र था अदोनियाह, जिसकी माता थी हेग्गीथ;