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1 तिमोथियॉस १:१०-२०

1 तिमोथियॉस १:१०-२०

१०
व्यभिचारी, समलैंगिक, अपहरण करनेवाले, झूठ बोलनेवाले, झूठे गवाह तथा शेष सब कुछ के लिए किया गया है, जो निर्मल उपदेश के विरोध में है.
११
वह धन्य परमेश्वर के गौरवान्वित ईश्वरीय सुसमाचार के अनुसार है, जो मुझे सौंपी गई है.
१२
मैं हमारे प्रभु येशु मसीह के प्रति, जिन्होंने मुझे सामर्थ्य प्रदान किया है, धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे विश्वासयोग्य समझा और अपनी सेवा में चुना.
१३
हालांकि पहले मैं परमेश्वर की निंदा करनेवाला था, अत्याचारी तथा अधर्मी था किंतु मुझ पर कृपा की गई क्योंकि अपनी अज्ञानता में उनमें अविश्वास के कारण मैंने यह सब किया था.
१४
मसीह येशु में हमारे प्रभु का बहुत अधिक अनुग्रह विश्वास और प्रेम के साथ मुझ पर हुआ.
१५
यह बात सच है, जो हर प्रकार से मानने योग्य है: मसीह येशु पापियों के उद्धार के लिए संसार में आए. इनमें सबसे बड़ा पापी मैं हूं.
१६
किंतु मुझ पर कृपा इसलिये हुई कि मुझ बड़े पापी में मसीह येशु आदर्श के रूप में अपनी पूरी सहनशीलता का प्रमाण उनके हित में प्रस्तुत करें, जो अनंत जीवन के लिए उनमें विश्वास करेंगे.
१७
सनातन राजा, अविनाशी, अनदेखे तथा एकमात्र परमेश्वर का आदर और महिमा सदा-सर्वदा होती रहे, आमेन.
१८
मेरे पुत्र, तिमोथियॉस, मैं तुम्हें यह आज्ञा तुम्हारे विषय में पहले से की गई भविष्यवाणियों के अनुसार सौंप रहा हूं कि उनकी प्रेरणा से तुम निरंतर संघर्ष कर सको,
१९
तथा विश्वास और अच्छे विवेक को थामे रखो, कुछ ने जिसकी उपेक्षा की और अपने विश्वास का सर्वनाश कर बैठे.
२०
ह्यूमैनेऑस तथा अलेक्सान्दरॉस इन्हीं में से हैं, जिन्हें मैंने शैतान को सौंप दिया है कि उन्हें परमेश्वर-निंदा न करने का पाठ सिखा दिया जाए.
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