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Offerings के बारे में बाइबल के वचन

433 वचन · 61 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “ ‘पांचवें दिन नौ बछड़े, दो मेढ़े, एक वर्ष के चौदह निर्दोष मेमने.

  2. इनके अलावा अन्‍नबलि और पेय बलि चढ़ाना जो बछड़ों, मेढ़ों तथा मेमनों के साथ उनकी संख्या के अनुरूप, नियम के अनुसार हो.

  3. नियमित होमबलि तथा अन्‍नबलि तथा पेय बलि के अलावा एक बकरा पापबलि के लिए चढ़ाया जाएगा.

  4. “ ‘छठवें दिन आठ बछड़े, दो मेढ़े, एक वर्ष के चौदह निर्दोष मेमने.

  5. इनके अलावा अन्‍नबलि और पेय बलि चढ़ाना जो बछड़ों, मेढ़ों तथा मेमनों के साथ उनकी संख्या के अनुरूप, नियम के अनुसार हो.

  6. तथा नियमित होमबलि के अलावा पापबलि के लिए एक बकरा तथा इसके लिए अन्‍नबलि तथा उनकी पेय बलियां.

  7. “ ‘सातवें दिन सात बछड़े दो मेढ़े, एक वर्ष के चौदह निर्दोष मेमने.

  8. इनके अलावा अन्‍नबलि और पेय बलि चढ़ाना जो बछड़ों, मेढ़ों तथा मेमनों के साथ उनकी संख्या के अनुरूप, नियम के अनुसार हो.

  9. तथा नियमित होमबलि के अलावा पापबलि के लिए एक बकरा तथा इसके लिए अन्‍नबलि तथा उनकी पेय बलियां.

  10. “ ‘आठवें दिन तुम एक पवित्र सभा आयोजित करोगे. इस दिन तुम कोई भी मेहनत न करोगे.

  11. किंतु तुम होमबलि, आग के द्वारा भेंट बलि चढ़ाओगे, जो याहवेह के लिए सुखद-सुगंध होगी: एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष के, निर्दोष सात मेमने.

  12. बछड़े, मेढ़े तथा मेमनों के साथ उनकी संख्या के अनुसार उनकी अन्‍नबलि तथा उनकी पेय बलि.

  13. नियमित होमबलि तथा अन्‍नबलि तथा पेय बलि के अलावा एक बकरा पापबलि के लिए चढ़ाया जाएगा.

  14. “ ‘ठहराए गए अवसरों पर तुम ये सब याहवेह के सामने प्रस्तुत करोगे. तुम्हारी संकल्प की गई तथा स्वेच्छा बलियों के अलावा तुम्हारी होमबलियां, अग्निबलियां, पेय बलियां तथा मेल बलियां भी चढ़ाना होंगे.’ ”

  15. मोशेह ने यह सब याहवेह द्वारा उन्हें दी गई आज्ञा के अनुसार इस्राएल के घराने पर प्रकट कर दिया.

  16. तुम उसी स्थान पर अपनी होमबलि, अपनी बलियां अपने दसवां अंश, अपने कामों के दान, मन्‍नत्तों की भेंटें, स्वैच्छिक भेंटे और पशुओं और भेड़ों के पहिलौठे लेकर आओगे.

  17. तब वह स्थान, जो याहवेह तुम्हारे परमेश्वर अपनी प्रतिष्ठा के लिए चुनेंगे—तुम वहीं वह सब लेकर आओगे, जिसका मैं तुम्हें आदेश दे चुका हूं: होमबलियां, तुम्हारी शेष बलियां, तुम्हारे दसवां अंश, तुम्हारे हाथों के अनुदान, मन्‍नतों की भेंटें और स्वैच्छिक भेंटें.

  18. तुम याहवेह अपने परमेश्वर की उपस्थिति में उल्लास करोगे; तुम, तुम्हारे पुत्र-पुत्रियां, तुम्हारे सेवक-सेविकाएं और तुम्हारे नगर की सीमा में रह रहे लेवीगोत्रज, क्योंकि तुम्हारे साथ उन्हें कुछ भी अंश अथवा मीरास बांटी नहीं गई है.

  19. यह ज़रूरी है कि तुम जो कुछ रोपित करो, भूमि के उस उत्पाद का दसवां अंश हर साल चढ़ाया करो.

  20. तब तुम्हें सप्‍ताहों के उत्सव को मनाना होगा. याहवेह तुम्हारे परमेश्वर के लिए उनसे प्राप्‍त हुई आशीषों के अनुपात में स्वैच्छिक भेंट लेकर उपस्थित होना होगा.

  21. तुम उसे अपनी उपज का प्रथम उत्पाद भेंट में दिया करोगे; तुम्हारे अन्‍न का, अंगूर के रस का, तेल का और तुम्हारी भेड़ों के कतरे गए ऊन का,

  22. तुम याहवेह, अपने परमेश्वर को न तो वेश्यावृत्ति का वेतन भेंट करोगे और न ही पुरुष वेश्या द्वारा कमाई गई राशि को मन्नत की भेंट स्वरूप अर्पित करोगे. ये दोनों ही याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर की दृष्टि में घृणित हैं.

  23. जब कभी तुम याहवेह, अपने परमेश्वर के लिए मन्नत मानो, तुम उसे पूरा करने में विलंब नहीं करोगे. क्योंकि याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर निश्चयतः तुमसे यह ले ही लेंगे, मगर तब तुम उनके सामने पापी बन जाओगे.

  24. फिर भी दूसरी स्थिति में तुम मन्नत ही न मानो तब तुम्हारे पक्ष में यह पाप नहीं होगा.

  25. ठीक जिस प्रकार तुमने स्वेच्छानुरूप याहवेह, अपने परमेश्वर से मन्नत मानी थी, जो कुछ आपके मुख से मुखरित हो चुका है, तुमने जो शपथ की है, उसे पूरा करने के विषय में तुम सावधान रहना.