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Nethinims के बारे में बाइबल के वचन

16 वचन · 2 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

  1. वे, जो बंधुआई से लौटे, उनमें सबसे पहले वे थे, जो अपने-अपने नगरों में अपनी ही संपत्ति में आकर बसे थे, उनमें कुछ इस्राएली थे, कुछ पुरोहित थे, कुछ लेवी थे और कुछ मंदिर में सेवा के लिए ठहराए गए सेवक थे.

  2. मंदिर सेवक इनके वंशज थे: ज़ीहा, हासुफ़ा, तब्बओथ,

  3. मंदिर के सेवक और शलोमोन के सेवकों की कुल गिनती: 392

  4. इस समय पुरोहित, लेवी, द्वारपाल, गायक, कुछ सामान्य प्रजाजन, मंदिर के सेवक, जो सभी इस्राएल वंशज ही थे, अपने-अपने नगरों में रहने लगे. पूरा इस्राएल अपने-अपने नगर में बस चुका था.

  5. कुछ इस्राएली, कुछ पुरोहित, लेवी, गायक, द्वारपाल तथा भवन के कर्मचारी राजा अर्तहषस्ता के शासनकाल के सातवें वर्ष में येरूशलेम पहुंचे.

  6. हम आपको यह भी बताना चाहते हैं, कि आप लोगों को पुरोहितों, लेवियों, गायकों, द्वारपालों, भवन के कर्मचारियों तथा परमेश्वर के इस भवन के दासों से न तो कर लेने की, न भेंटे ग्रहण करने की और न चुंगी लेने की अनुमति है.

  7. इन सभी को मैंने कासिफिया नामक स्थान के अधिकारी के पास भेज दिया. मैंने उन्हें विशेष निर्देश दिए कि उन्हें इद्दो तथा उसके संबंधियों के सामने क्या कहना होगा, ये सभी कासिफिया में भवन के कर्मचारी थे तथा इनसे यह उम्मीद थी कि ये परमेश्वर के भवन के लिए हमें सेवक देंगे.

  8. और नतीन लोगों में से जिन्हें दावीद और हाकिमों ने लेवियों की सेवा करने को ठहराया था, दो सौ बीस नतिनों को ले आए. इन सभी के नाम लिखे हुए थे.

  9. मंदिर के उन सेवकों ने, जो ओफेल में रहते थे, जल फाटक के सामने के भाग तक की मरम्मत की. यह वह फाटक था, जो पूर्व दिशा की ओर था, जहां पहरेदारों का गुम्मट था.

  10. उसके पास वाले भाग का मालखियाह ने, जो सुनारों में से एक था, मंदिर के सेवकों और व्यापारियों के घर से लेकर, जो मुस्तर अर्थात् मुआयना फाटक के सामने था, कोने के ऊपरी कमरे तक मरम्मत का काम पूरा किया.

  11. मंदिर सेवक निम्न लिखित वंशों से: ज़ीहा, हासुफ़ा, तब्बओथ

  12. मंदिर के सेवक और शलोमोन के सेवकों की कुल गिनती 392

  13. अब पुरोहित, लेवी, द्वारपाल, गायक, कुछ सामान्य प्रजाजन, मंदिर के सेवक, जो सभी इस्राएल वंशज ही थे, अपने-अपने नगरों में रहने लगे. सातवें महीने तक पूरा इस्राएल अपने-अपने नगर में बस चुका था.

  14. इसके बाद बचे हुए लोग, पुरोहित, लेवी, द्वारपाल, गायक, मंदिर के सेवक और वे सभी, जिन्होंने खुद को परमेश्वर की व्यवस्था के लिए देश-देश के लोगों से अलग कर रखा था, उनकी पत्नियां, उनके पुत्र-पुत्रियां; और वे सभी, जिनमें ज्ञान और समझ थी,

  15. ये वे हैं, जो राज्यों (प्रदेशों) पर अधिकारी थे, जो येरूशलेम में ही रहते थे, मगर यहूदिया के नगरों में हर एक प्रधान अपनी-अपनी संपत्ति में अपने-अपने नगरों में रहता था, इस्राएल के वंशजों के पुरोहित, लेवी, मंदिर के सेवक और शलोमोन के सेवकों के वंशज.

  16. हां, मंदिर के सेवक ओफेल नगर में बस गए थे. ज़ीहा और गिशपा मंदिर सेवकों के अधिकारी थे.