मुख्य सामग्री पर जाएँ

Journey of Israel Through The Desert के बारे में बाइबल के वचन

759 वचन · 177 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. इनके सैनिकों की संख्या है 59,300.

  2. इसके बाद गाद का गोत्र, और इनका प्रधान था देउएल का पुत्र एलियासाफ़.

  3. इसके सैनिकों की संख्या है 45,650.

  4. रियूबेन के शिविर के गिने गए सैनिकों की संख्या है 1,51,450. ये कूच करते हुए दूसरे स्थान पर रहा करेंगे.

  5. इनके बाद मिलन वाला तंबू और लेवियों का शिविर कूच करेगा. लेवियों का शिविर सारे शिविरों के बीच होगा. जिस प्रकार वे अपने शिविर स्थापित करते हैं, उसी क्रम में वे कूच करेंगे; अपने-अपने झंडों के साथ.

  6. पश्चिमी दिशा में: उनके झंडे के नीचे एफ्राईम गोत्र की सेना का शिविर होगा. इनका प्रधान होगा अम्मीहूद का पुत्र एलीशामा.

  7. उसकी सेना की, गिन कर लिखी गई संख्या है 40,500.

  8. उसके पास होंगे मनश्शेह के गोत्र. उनका प्रधान था पेदाहज़ुर का पुत्र गमालिएल.

  9. उनके सैनिकों की संख्या है 32,200.

  10. इसके बाद बिन्यामिन गोत्र के लोग. उनका प्रधान था गिदयोनी का पुत्र अबीदान.

  11. उसके सैनिकों की संख्या 35,400 गिनी गई.

  12. एफ्राईम गोत्र के दलों के अनुसार की गई सैनिकों की गिनती में संख्या है, 1,08,100. यात्रा के अवसर पर वे तीसरे स्थान पर रहेंगे.

  13. उत्तर दिशा में उनके झंडे के नीचे दान गोत्र के सैनिकों का स्थान होगा. इनका प्रधान था अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र.

  14. उसके सैनिकों की संख्या है 62,700.

  15. इनसे लगा हुआ दूसरा शिविर आशेर गोत्र का होगा. इनका प्रधान था ओखरन का पुत्र पागिएल.

  16. इसके गिने हुए सैनिकों की संख्या है 41,500

  17. इसके बाद होगा नफताली गोत्र का शिविर. इनका प्रधान था एनन का पुत्र अहीरा.

  18. उसके सैनिक गिनती में 53,400 थे.

  19. दान के सैनिकों की संख्या हुई 1,57,600. वे सभी अपने-अपने झंडे के नीचे सबसे पीछे चला करेंगे.

  20. ये ही थे सारे इस्राएली, जिनकी गिनती उनके गोत्रों के अनुसार की गई थी. वे सभी, जिनकी गिनती उनके दलों के अनुसार की गई थी, संख्या में 6,03,550 थे.

  21. किंतु इस गिनती में लेवी नहीं गिने गए, क्योंकि यह मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा थी.

  22. इस्राएल के घराने ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली. वे मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा के अनुसार शिविर डाला करते थे, इसी क्रम में अपने-अपने गोत्र के अनुसार अपने-अपने गोत्र और कुटुंब में यात्रा करते थे.

  23. जब याहवेह ने मोशेह से सीनायी पर्वत पर बातें की, तब मोशेह तथा अहरोन की पीढ़ियां इस प्रकार थीं:

  24. अहरोन के पुत्रों के नाम: जेठा पुत्र नादाब फिर अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार.

  25. अहरोन के ये पुत्र अभिषिक्त पुरोहित थे. इन्हें अहरोन ने ही पुरोहित होने के लिए अभिषिक्त किया था.