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God

11,427 वचन · 2 परिवार के सदस्य

God का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “ ‘शान और वैभव में, एदेन के किस पेड़ की तुलना तुमसे की जा सकती है? फिर भी तुम्हें भी अदन के वृक्षों के साथ पृथ्वी के नीचे लाया जाएगा; तुम उन खतना-रहितों के बीच पड़े रहोगे, जो तलवार से मारे गये हैं. “ ‘यह स्थिति फ़रोह और उसके सब उपद्रवी लोगों की होगी, परम प्रधान याहवेह की यह घोषणा है.’ ”

  2. बारहवें वर्ष के, बारहवें माह के पहले दिन, याहवेह का वचन मेरे पास आया:

  3. “ ‘परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: “ ‘लोगों की एक बड़ी भीड़ के साथ मैं तुम पर अपना जाल फेंकूंगा, और वे तुम्हें मेरे जाल में ऊपर खींच लेंगे.

  4. मैं तुम्हें भूमि पर फेंक दूंगा, और खुले मैदान में तुम्हें पटक दूंगा. मैं आकाश के सब पक्षियों को तुम पर बसेरा करने दूंगा और बंजर भूमि के सारे पशु तुम्हें भकोसकर खा जाएंगे.

  5. मैं तुम्हारा मांस पर्वतों पर बिखरा दूंगा और घाटियों को तुम्हारे बचे अंगों से भर दूंगा.

  6. मैं तुम्हारे बहते हुए खून से पर्वतों तक की भूमि को भीगा दूंगा, और घाटियां तुम्हारे मांस से भर जाएंगी.

  7. जब मैं तुम्हें सूंघकर निकालूंगा तब मैं आकाश को ढांक दूंगा और उसके तारों को अंधेरा कर दूंगा; मैं सूर्य को एक बादल से ढांक दूंगा, और चंद्रमा अपना प्रकाश न देगा.

  8. आकाश के सब चमकते ज्योतियों को मैं तुम्हारे लिये अंधेरा कर दूंगा; मैं तुम्हारे देश पर अंधकार ले आऊंगा, प्रभु याहवेह की वाणी है!

  9. जब जाति-जाति के लोगों के बीच, और उन देशों के बीच जिसे तुम नहीं जानते, मैं तुम्हारे ऊपर विनाश लाऊंगा, तब मैं बहुतों के मन को व्याकुल करूंगा.

  10. जब मैं उनके सामने अपनी तलवार चलाऊंगा, तब मैं बहुत से लोगों को तुमसे भयभीत कराऊंगा, और उनके राजा तुम्हारे कारण अत्यधिक भय से कांपेंगे. तुम्हारे पतन के दिन उनमें से हर एक अपने जीवन के लिये हर क्षण कांपेगा.

  11. “ ‘क्योंकि परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: “ ‘बाबेल के राजा की तलवार तुम्हारे ऊपर चलेगी.

  12. मैं शक्तिशाली लोगों की तलवार से तुम्हारे उपद्रवी लोगों को मरवाऊंगा— ये शक्तिशाली लोग सब जातियों में सबसे अधिक निर्दयी हैं. वे मिस्र के अहंकार को चकनाचूर कर देंगे, और उसके सब उपद्रवी लोग नाश कर दिये जाएंगे.

  13. मैं उसके सब पशुओं को जलाशयों के किनारे से नष्ट कर दूंगा जिससे पानी मनुष्य के पांव से मथकर गंदा न हो या पशुओं के खुर से वहां कीचड़ न हो.

  14. तब मैं उसके पानी को साफ कर दूंगा और उसके सोतों से पानी को तेल की तरह बहाऊंगा, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.

  15. जब मैं मिस्र देश को उजाड़ दूंगा और देश से सब चीज़ों को छीन लूंगा, जब मैं उन सबको मारूंगा, जो वहां रहते हैं, तब वे जानेंगे कि मैं याहवेह हूं.’

  16. “यह वह विलापगीत है, जिसे वे उसके लिये गाएंगे. जनताओं की बेटियां इसे गाएंगी; मिस्र देश और उसके सब उपद्रवी लोगों के लिये वे इसे गाएंगी, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.”

  17. बारहवें वर्ष के, पहले माह के पन्द्रहवें दिन, याहवेह का वचन मेरे पास आया:

  18. “फ़रोह—वह और उसकी सारी सेना—उन्हें देखेगी और उसे अपने उन सारे उपद्रवी लोगों के बारे में सांत्वना मिलेगी, जो तलवार से मारे गये थे, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.

  19. यद्यपि मैंने जीवितों के देश में फ़रोह का आतंक फैला दिया था, फिर भी वह और उसके सब उपद्रवी लोग उन खतना-रहितों के बीच पड़े रहेंगे, जो तलवार से मारे गये हैं, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.”

  20. याहवेह का वचन मेरे पास आया:

  21. “मनुष्य के पुत्र, अपने लोगों से बात करो और उनसे कहो: ‘जब मैं किसी देश पर तलवार चलाता हूं, और उस देश के लोग अपने एक व्यक्ति को चुनकर उसे अपना पहरेदार बनाते हैं,

  22. पर यदि पहरेदार तलवार को आते हुए देखता है और लोगों को चेतावनी देने के लिये तुरही नहीं बजाता है और तलवार आकर किसी का प्राण ले लेती है, तो उसके पाप के कारण उस व्यक्ति का प्राण ले लिया जाएगा, पर मैं उसके खून के लिये उस पहरेदार को ज़िम्मेदार ठहराऊंगा.’

  23. “हे मनुष्य के पुत्र, मैंने तुम्हें इस्राएल के लोगों के लिये एक पहरेदार ठहराया है; इसलिये जो बात मैं कहता हूं, उसे सुन और उन्हें मेरी ओर से चेतावनी दे.

  24. जब मैं दुष्ट मनुष्य से कहता हूं, ‘हे दुष्ट मनुष्य, तू निश्चय मरेगा,’ और तुम उस व्यक्ति को उसका जीवन बदलने के लिये नहीं कहते हो, तो वह व्यक्ति अपने पाप के कारण मरेगा, और मैं तुम्हें उसके खून के लिये ज़िम्मेदार ठहराऊंगा.

  25. उनसे कहो, ‘मेरे जीवन की शपथ, परम प्रधान याहवेह की घोषणा है, मैं दुष्ट की मृत्यु से खुश नहीं होता हूं, पर अच्छा यह होगा कि वह अपना जीवन बदले और जीवित रहे. छोड़ो! अपने दुष्ट जीवनशैली को छोड़ो! हे इस्राएल के लोगों, तुम क्यों मरोगे?’