Skip to content
मत्तियाह ५:१-७

मत्तियाह ५:१-७

१
इकट्ठा हो रही भीड़ को देख येशु पर्वत पर चले गए और जब वह बैठ गए तो उनके शिष्य उनके पास आए.
२
येशु ने उन्हें शिक्षा देना प्रारंभ किया. उन्होंने कहा,
३
“धन्य हैं वे, जो दीन आत्मा के हैं, क्योंकि स्वर्ग-राज्य उन्हीं का है.
४
धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं. क्योंकि उन्हें शांति दी जाएगी.
५
धन्य हैं वे, जो नम्र हैं क्योंकि पृथ्वी उन्हीं की होगी.
६
धन्य हैं वे, जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि उन्हें तृप्‍त किया जाएगा.
७
धन्य हैं वे, जो कृपालु हैं, क्योंकि उन पर कृपा की जाएगी.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options