यहोशू १३:२-१३
२
“वह देश जो रह गए है: “फिलिस्तीनियों की समस्त भूमि तथा गेशूरियों का देश;
३
मिस्र के पूर्व में स्थित शीहोर से लेकर उत्तर में एक्रोन की सीमा तक, जो कनान देश माना जाता था, हालांकि यह प्रदेश फिलिस्तीनियों के पांच शासकों के कब्जे में था. उनके नगर थे: गाज़ा, अशदोद, अश्कलोन, गाथ, एक्रोन; तथा दक्षिण में अव्वी,
४
कनानियों का पूरा देश तथा मेआराह, जो सीदोनियों का राज्य था, यह अमोरियों के अफेक की सीमा तक फैला था;
५
गिबलियों का देश लबानोन, बाल-गाद से नीचे की ओर हरमोन पर्वत से लेकर लबो-हामाथ तक.
६
“मैं इस्राएलियों के सामने से लबानोन के पर्वतीय क्षेत्र के पूरे निवासियों को, जो मिसरेफोत-मयिम तक बसे हैं, सीदोनियों को, सबको भगा दूंगा. और मेरे कहे अनुसार यह देश इस्राएलियों को मीरास में दिया जायेगा,
७
और यह देश नौ गोत्रों तथा मनश्शेह के आधा गोत्र को दे मीरास में दिया जाएगा.”
८
मनश्शेह के आधा गोत्र के साथ रियूबेन तथा गाद के गोत्रों ने यरदन के पूर्व में मोशेह द्वारा अपना हिस्सा ले लिया, ठीक जैसा याहवेह के सेवक मोशेह ने उन्हें दिया था:
९
आरनोन घाटी की सीमा तक अरोअर से तथा उस नगर से, जो घाटी के बीच में है, तथा मेदेबा से लेकर दीबोन तथा पूरे पठार तक;
१०
अमोरियों का राजा, जो हेशबोन में शासन करता था, अम्मोन की सीमा तक उसके सब नगर;
११
गिलआद, गेशूरियों तथा माकाहथियों का पूरा देश; पूरा हरमोन पर्वत तथा सलेकाह तक पूरा बाशान;
१२
बाशान में ओग का, जो अश्तारोथ तथा एद्रेइ में राज करता था और रेफाइम में केवल वही बच गया था; क्योंकि मोशेह ने उनको मारकर उनकी प्रजा को देश से निकाल दिया था.
१३
लेकिन इस्राएल वंश ने गेशूरियों अथवा माकाहथियों को देश से बाहर नहीं निकाला था. आज तक वे इस्राएलियों के बीच ही रह रहे हैं.
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