अहंकारपूर्ण योजनाओं का खतरा
१३
अब तुम, सुनो, जो यह कहते हो, “आज या कल हम किसी और नगर में जाएंगे और वहां एक वर्ष रहकर धन कमाएंगे,”
१४
जबकि सच तो यह है कि तुम्हें तो अपने आनेवाले कल के जीवन के विषय में भी कुछ मालूम नहीं है, तुम तो सिर्फ वह भाप हो, जो क्षण-भर के लिए दिखाई देती है और फिर लुप्त हो जाती है. सुनो!
१५
तुम्हारा इस प्रकार कहना सही होगा: “यदि प्रभु की इच्छा हो, तो हम जीवित रहेंगे तथा यह या वह काम करेंगे.”
१६
परंतु तुम अपने अहंकार में घमंड कर रहे हो. यह घमंड पाप से भरा है.
१७
यदि कोई भलाई करना जानते हुए भी उसको न करना पाप है.
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