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होशेआ ९:१०-१७

होशेआ ९:१०-१७

१०
“मैंने इस्राएल को ऐसे पाया, जैसे किसी को निर्जन स्थान में अंगूर का मिलना होता है; जब मैंने तुम्हारे पूर्वजों को देखा, तो यह ऐसा था मानो अंजीर के पेड़ में लगे शुरुआती फल को देखना. पर जब वे बाल-पिओर में आये, तो उन्होंने उस लज्जास्पद मूर्ति के लिये अपने आपको पवित्र किया और वे उतने दुष्ट हो गये जितने वे उन चीज़ों से प्रेम करते थे.
११
एफ्राईम का गौरव पक्षी की तरह उड़ जाएगा— न किसी का जन्म होगा, न कोई गर्भवती होगी और न ही किसी को गर्भ ठहरेगा.
१२
यदि वे बच्चों का पालन पोषण करते भी हैं, तो मैं हर एक को उनसे ले लूंगा. उन पर हाय जब मैं उनसे दूर हो जाता हूं!
१३
मैंने एफ्राईम को सोर के जैसे मनभावने स्थान में बसे हुए देखा है. पर एफ्राईम अपने बच्चों को वध करनेवाले के पास ले आएगा.”
१४
हे याहवेह, उन्हें दीजिए— आप उन्हें क्या देंगे? उन्हें ऐसे गर्भ दीजिए, जिससे गर्भपात हो जाता है और ऐसे स्तन दीजिए, जो सूखे हों.
१५
“गिलगाल में उनके सब बुराई के कारण, मैंने उनसे वहां घृणा किया. उनके पापमय कामों के कारण, मैं उन्हें अपने भवन से बाहर निकाल दूंगा. अब मैं उनसे प्रेम नहीं करूंगा; उनके सब अगुए विद्रोही हैं.
१६
एफ्राईम पर बीमारी लग गई है, उनकी जड़ सूख गई है, उनमें फल नहीं लगते हैं. यदि वे बच्चों को जन्म भी दें, तो मैं उनके पोषित बच्चों को मार डालूंगा.”
१७
मेरा परमेश्वर उनको अस्वीकार करेगा क्योंकि उन्होंने उसकी बातों को नहीं माना है; वे जाति-जाति के लोगों के बीच भटकते फिरेंगे.
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