Skip to content
1 इतिहास ६:३१-४७

1 इतिहास ६:३१-४७

३१
निम्न लिखित पुरुष वे हैं, जिन्हें दावीद ने याहवेह के भवन में संदूक की स्थापना के बाद आराधना में गाने की जवाबदारी सौंप रखी थी.
३२
ये येरूशलेम में शलोमोन द्वारा याहवेह का भवन बनाए जाने तक, मिलनवाले तंबू के सामने आराधना-संगीत के द्वारा सेवा करते थे. वे अपने पद के अनुसार ही यह सेवा किया करते थे.
३३
सेवा के लिए चुने गए उन व्यक्तियों और उनके पुत्रों के नाम इस प्रकार है: कोहाथ के पुत्रों में से: गायक, हेमान, जो योएल का पुत्र, शमुएल का पुत्र था,
३४
जो एलकाना का, जो येरोहाम का, जो एलिएल का, जो तौआह का,
३५
जो सूफ़ का, जो एलकाना का, जो माहाथ का, जो आमासाई का,
३६
जो एलकाना का, जो योएल का, जो अज़रियाह का, जो ज़ेफनियाह का,
३७
जो ताहाथ का, जो अस्सिर का, एबीआसफ़ का, जो कोराह का,
३८
जो इज़हार का, जो कोहाथ का, जो लेवी का, जो इस्राएल का पुत्र था.
३९
हेमान का सहकर्मी आसफ उसके दाएं पक्ष में खड़ा रहता था, जो वस्तुतः बेरेखियाह का पुत्र, शिमिया का पुत्र था.
४०
जो मिखाएल का पुत्र था, जो बासेइयाह का, जो मालखियाह का,
४१
जो एथनी का, जो ज़ेराह का, जो अदाइयाह का,
४२
जो एथन का, जो ज़िम्माह का, जो शिमेई का,
४३
जो याहाथ का, जो गेरशोम का, जो लेवी का पुत्र था.
४४
उनके बाएं पक्ष में उनके संबंधी, मेरारी-वंशज खड़े हुआ करते थे: कीशी का पुत्र एथन, जो अबदी का, जो मल्‍लूख का,
४५
जो हशाबियाह का, जो अमाज़्याह का, जो हिलकियाह का,
४६
जो आमज़ी का, जो बानी का, जो शेमर का,
४७
जो माहली का, जो मूशी का, जो मेरारी का, जो लेवी का पुत्र था.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options