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1 इतिहास १२:८-१५

गाद के वीर योद्धा

1 इतिहास १२:८-१५
जब दावीद बंजर भूमि के गढ़नगर में थे, गाद प्रदेश से उनके पास बलवान और अनुभवी सैनिक जा पहुंचे. ये भाले और ढाल के कौशल में निपुण थे. इनका मुखमंडल सिंहों के मुंह के समान था, जो ऐसी तेजी से दौड़ते थे जैसे पहाड़ों पर दौड़ती हिरणी.
प्रधान था एज़र, दूसरा ओबदिया, तीसरा एलियाब,
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मिशमन्‍नाह चौथा, येरेमियाह पांचवा,
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अत्तई छठा, एलिएल सातवां,
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योहानन आठवां, एलज़ाबाद नौवां,
१३
येरेमियाह दसवां, मकबन्‍नाई ग्यारहवां.
१४
गाद के वंशजों में से ये सेना के अधिकारी थे; इनमें निपुणता में सबसे छोटा भी उनके एक सौ के समान था और सबसे बड़ा एक हज़ार के बराबर.
१५
ये ही वे हैं, जिन्होंने पहले महीने में यरदन नदी को उस स्थिति में पार किया था, जब नदी का पानी दोनों तटों से उमड़ कर बह रहा था. उन्होंने घाटियों के निवासियों को भगाकर पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं में भगा दिया.
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