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Meat Offerings के बारे में बाइबल के वचन

49 वचन · 28 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. पहले मेमने के साथ पेरकर निकाले गए एक लीटर तेल में मिला हुआ डेढ़ किलो मैदा तथा पेय बलि के लिए एक लीटर दाखरस चढ़ाना

  2. तथा दूसरे मेमने के साथ शाम को अन्‍नबलि और पेय बलि चढ़ाना होगा, जो याहवेह के लिए चढ़ाया गया एक सुखदायक सुगंध हो जाए.

  3. “यह याहवेह के सामने, मिलनवाले तंबू के द्वार पर जहां मैं तुमसे मिलकर बातें करूंगा, तुम्हारी समस्त पीढ़ियों द्वारा याहवेह के लिए मिलनवाले तंबू के द्वार पर नियमित रूप से होमबलि चढ़ाई जाएगी.

  4. तुम उस वेदी पर और किसी प्रकार की धूप न जलाना और न उस पर होमबलि अथवा अन्‍नबलि चढ़ाना तथा न तुम इस वेदी पर कोई पेय बलि उण्डेलना.

  5. और मिलनवाले तंबू के पवित्र स्थान के द्वार पर होमबलि की वेदी रखकर उस पर होमबलि और अन्‍नबलि चढ़ाई, जैसी याहवेह ने उन्हें आज्ञा दी थी.

  6. “ ‘जब याहवेह के लिए बलि के रूप में कोई अन्‍नबलि लेकर आए, तो यह भेंट महीन आटे की हो. वह इस पर तेल उण्डेले और लोबान रखे.

  7. फिर वह इसे अहरोन के पुत्रों के पास, जो पुरोहित हैं, लाए. वह उसमें से एक मुट्ठी भर महीन आटा, तेल एवं लोबान ले. पुरोहित उसको स्मरण दिलाने वाले भाग के रूप में वेदी पर जलाए. यह अग्निबलि याहवेह के लिए सुखद-सुगंध होगी.

  8. अन्‍नबलि का बचा हुआ भाग अहरोन व उनके पुत्रों के लिए निर्धारित है; यह याहवेह के लिए अग्निबलियों का परम पवित्र भाग है.

  9. “ ‘यदि तुम्हारी बलि भट्टी में पकी हुई अन्‍नबलि हो, तो यह सबसे अच्छे आटे से बनी हो. यह तेल में गूंधी हुई, खमीर रहित रोटी या तेल से चुपड़ी हुई खमीर रहित पपड़ी हो.

  10. यदि तुम्हारी बलि तवे पर पकी हुई अन्‍नबलि है, तो यह तेल में गूंधे हुए खमीर रहित, महीन आटे की हो.

  11. यदि तुम्हारी बलि कड़ाही में पकी हुई अन्‍नबलि है, तो यह तेल में गूंधे हुए महीन आटे की हो.

  12. फिर पुरोहित इस अन्‍नबलि से इसका स्मरण दिलाने वाला भाग लेकर वेदी पर अग्निबलि के रूप में जलाए. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की अग्निबलि होगी.

  13. “ ‘कोई भी अन्‍नबलि, जो तुम याहवेह के सामने लेकर आओ, वह खमीर के साथ न बनाई जाये, क्योंकि तुम याहवेह को न तो खमीर की और न ही मधु की अग्निबलि भेंट करना.

  14. तुम अपनी सब अन्‍न बलियों में नमक चढ़ाना. तुम्हारी अन्‍नबलि से तुम्हारे परमेश्वर की वाचा का नमक अलग न रहे, अपनी सब बलियों के साथ तुम नमक भेंट करना.

  15. “ ‘यदि तुम याहवेह को पहले फल की बलि भेंट करो, तो अपनी पहले फल बलि में अग्निबलि के लिए अग्नि में भुने गए नए अन्‍न की बालें लेकर आना.

  16. तुम इस पर तेल लगाना और लोबान रखना; यह एक अन्‍नबलि है.

  17. पुरोहित इसके स्मरण के लिए निर्धारित अंश, छिलका निकाला गया अन्‍न, तेल और इसके सारे लोबान के साथ जलाकर अग्निबलि के रूप में याहवेह को भेंट कर दे.

  18. “ ‘किंतु यदि उसके लिए दो कपोत अथवा दो कबूतर के बच्‍चे भी भेंट करने के लिए पर्याप्‍त साधन नहीं हैं, तो जो पाप उसने किया है, उसकी बलि के लिए वह डेढ़ किलो महीन आटा पापबलि के लिए लेकर आए. किंतु इस पर तेल न लगाए और न ही इस पर लोबान रखे, क्योंकि यह एक पापबलि है.

  19. उनमें से एक पुरोहित इस अन्‍नबलि में से एक मुट्ठी भर आटा, तेल तथा इस पर रखे सारे लोबान को ले, और इसे वेदी की अग्नि में जलाए. यह याहवेह को स्मरण बलि के लिए भेंट की गई सुखद-सुगंध है.

  20. इसमें से जो भाग बच जाए, अहरोन और उसके पुत्र उसका इस्तेमाल करें. इसका इस्तेमाल पवित्र स्थान में बिना खमीर की रोटी के रूप में किया जाए; उन्हें इसका इस्तेमाल मिलनवाले तंबू के आंगन में ही करना है.

  21. इसे खमीर के साथ पकाया न जाए; मैंने इसे उनके भाग के रूप में अपनी होमबलि में से प्रदान किया है, यह पापबलि तथा दोष बलि के समान परम पवित्र है.

  22. अहरोन के पुत्रों में से हर एक इसका इस्तेमाल करे; याहवेह को भेंट की गई होमबलियों में से तुम्हारी पीढ़ियों के लिए यह हमेशा की विधि है. जो कोई इन बलियों को छुएगा, वह अपने आप पवित्र हो जाएगा.’ ”

  23. “जब कभी अहरोन की पौरोहितिक परंपरा के अंतर्गत किसी पुरोहित का अभिषेक किया जाए, तो अहरोन और उनके पुत्र याहवेह को यह बलि भेंट करें; उस बलि में नियमित अन्‍नबलि के रूप में सबसे उत्तम डेढ़ किलो आटा भेंट किया जाए; आधा सुबह और आधा शाम को.

  24. इसे तवे पर तेल के साथ पकाया जाए. जब यह पूरी तरह पक जाए, तब तुम उसे लाकर टुकड़ों में याहवेह को सुखद-सुगंध के रूप में अन्‍नबलि चढ़ाना.

  25. उसके पुत्रों में से जो उसके स्थान पर पुरोहित अभिषिक्त किया जाएगा, वह उस भेंट चढ़ाए. यह याहवेह के लिए अग्नि में जलाई हुई हमेशा की विधि के रूप में भेंट पूरी अन्‍नबलि भेंट हो.