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Egypt के बारे में बाइबल के वचन: Israel increases and are oppressed

14 वचन · 105 पहलू

Israel increases and are oppressed पर वचन

  1. याकोब के साथ मिस्र में अपने-अपने घराने के साथ आकर रहनेवाले इस्राएलियों के नाम निम्न लिखित हैं:

  2. रियूबेन, शिमओन, लेवी और यहूदाह;

  3. इस्साखार, ज़ेबुलून तथा बिन्यामिन;

  4. दान एवं नफताली; गाद एवं आशेर.

  5. याकोब के वंश में सत्तर जन थे, योसेफ़ पहले ही मिस्र में थे.

  6. वहां योसेफ़ और उनके सभी भाई तथा पूरी पीढ़ी के लोगों की मृत्यु हो गई थी.

  7. इस्राएली बहुत फलवंत थे और वे बढ़ते चले गए, और बहुत सामर्थ्यी होकर पूरे देश में भर गए.

  8. फिर मिस्र में एक नया राजा बना, जो योसेफ़ को नहीं जानता था.

  9. उसने अपनी प्रजा से यह कहा, “इस्राएल के लोग संख्या में और बल में हमसे अधिक हैं.

  10. इसलिये हम समझदारी से रहें, ये लोग तो बढ़ते जाएंगे! ऐसा न हो कि युद्ध की स्थिति में हमारे शत्रुओं के साथ मिलकर, हमसे ही युद्ध करने लगें और देश छोड़कर चले जाएं.”

  11. इस विचार से उन्होंने इस्राएलियों को कड़ी मेहनत कराने के उद्देश्य से ठेकेदार नियुक्त कर दिए. तब फ़रोह के लिए पिथोम तथा रामेसेस नामक भण्डारगृह नगरों को बनाए.

  12. जितना इस्राएलियों को कष्ट दिया गया, उतने ही वे बढ़ते और देश में फैलते गए, इसलिये इस्राएली मिस्रवासियों के लिए डर का कारण बन गये.

  13. मिस्री इस्राएलियों से कठोर मेहनत कराते रहे.

  14. इस प्रकार मिस्रियों ने इस्राएलियों के जीवन को दुःखपूर्ण कर दिया. उन्हें गारे तथा ईंट के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी. सभी कामों में उन्हें दुःखी कर सताया जाता था.