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Animals के बारे में बाइबल के वचन: Clean and unclean

26 वचन · 25 पहलू

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Clean and unclean पर वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. तुम किसी भी घृणित वस्तु का सेवन नहीं करोगे.

  2. तुम निम्न लिखित प्राणियों का उपभोग कर सकते हो: बैल, भेड़, बकरे,

  3. हिरण, चिंकारा, मृग, वन्य बकरा, साकिन, कुरंग, पर्वतीय भेड़.

  4. कोई भी पशु, जिसके खुर अलग हैं, जिसके खुर फटे हों और वह पागुर करता है, तुम्हारे लिए भोज्य है.

  5. फिर भी इन पशुओं में, जो पागुर ज़रूर करते हैं, जिनके खुर भी अलग हैं. तुम्हारे लिए भोज्य नहीं है: ऊंट, खरगोश और पत्थर-बिज्जू. ये पागुर ज़रूर करते हैं मगर इनके खुर अलग नहीं होते. ये तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं.

  6. सूअर के खुर अलग ज़रूर होते हैं, मगर वह पागुर नहीं करता, तुम्हारे लिए अशुद्ध है. तुम न तो इनके मांस खाओगे न इनके शव को छुओगे.

  7. वे सारे जलचर जिनके पंख और शल्क हैं, तुम उनको खा सकते हो.

  8. मगर कोई भी प्राणी, जिसके न तो पंख हैं और न छिलके; ये खाने योग्य नहीं, तुम्हारे लिए ये अशुद्ध हैं.

  9. कोई भी शुद्ध पक्षी तुम्हारे खाने के योग्य हैं.

  10. मगर इन पक्षियों को तुम नहीं खाओगे: गरुड़, गिद्ध और काला गिद्ध,

  11. लाल चील, बाज और सभी प्रकार की चीलें.

  12. समस्त प्रकार के कौवे,

  13. शुतुरमुर्ग, उल्लू, सागर काक और शिकारे की सभी प्रजातियां,

  14. छोटी प्रजाति के उल्लू, जलकौए और बड़ी प्रजाति के उल्लू,

  15. बख़ारी उल्लू, जल मुर्गी और शवभक्षी गिद्ध,

  16. छोटा गरुड़, सभी प्रकार के बगुले, टिटिहरी और चमगादड़.

  17. सभी पंखयुक्त पतंगे तुम्हारे लिए अशुद्ध घोषित किए गए हैं; इनको खाना मना है.

  18. तुम किसी भी शुद्ध पक्षी का उपभोग करने के लिए स्वतंत्र हो.

  19. उन्होंने स्वर्ग को खुला देखा जहां से एक विशाल चादर जैसी वस्तु चारों कोनों से नीचे उतारी जा रही थी.

  20. इसमें पृथ्वी के सभी प्रकार के चौपाए, रेंगते हुए जंतु तथा पक्षी थे.

  21. तब उन्हें एक शब्द सुनाई दिया, “उठो, पेतरॉस! मारो और खाओ!”

  22. पेतरॉस ने उत्तर दिया, “कतई नहीं प्रभु! क्योंकि मैंने कभी भी कोई अपवित्र तथा अशुद्ध वस्तु नहीं खाई है.”

  23. उन्हें दूसरी बार शब्द सुनाई दिया, “जिन वस्तुओं को स्वयं परमेश्वर ने शुद्ध कर दिया है उन्हें अशुद्ध मत समझो.”

  24. ये वे हैं, जो विवाह करने से रोकते हैं, भोजन पदार्थों को भी त्यागने की मांग करते हैं, जिन्हें परमेश्वर ने विश्वासियों और सच्चाई को जानने वाले व्यक्तियों की भलाई के लिए इसलिये बनाया है कि धन्यवाद के साथ मिलजुल कर खाया जाएं.

  25. परमेश्वर की बनाई हुई हर एक वस्तु अच्छी है, कोई भी वस्तु अस्वीकार करने योग्य नहीं—यदि उसे धन्यवाद के साथ स्वीकार किया जाएं,