Skip to content
स्तोत्र ८३:३-५

परमेश्वर की प्रजा के विरुद्ध षड्यन्त्र

स्तोत्र ८३:३-५
३
वे आपकी प्रजा के विरुद्ध चतुराई से बुरी युक्ति रच रहे हैं; वे आपके प्रियों के विरुद्ध परस्पर सम्मति कर रहे हैं.
४
वे कहते हैं, “आओ, हम इस संपूर्ण राष्ट्र को ही नष्ट कर दें, यहां तक कि इस्राएल राष्ट्र का नाम ही शेष न रहे.”
५
वे एकजुट होकर, एकचित्त युक्ति रच रहे हैं; वे सब आपके विरुद्ध संगठित हो गए हैं—
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options