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स्तोत्र ५१:१८-१९

सिय्योन की पुनर्स्थापना के लिए प्रार्थना

स्तोत्र ५१:१८-१९
१८
आपकी कृपादृष्टि से ज़ियोन की समृद्धि हो, येरूशलेम की शहरपनाह का पुनर्निर्माण हो.
१९
तब धर्मी की अग्निबलि तथा सर्वांग पशुबलि अर्पण से आप प्रसन्‍न होंगे; और आपकी वेदी पर बैल अर्पित किए जाएंगे.
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