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स्तोत्र ४५:६-९

स्तोत्र ४५:६-९

६
परमेश्वर, आपका सिंहासन अमर है; आपके राज्य का राजदंड वही होगा, जो सच्चाई का राजदंड है.
७
धार्मिकता आपको प्रिय है तथा दुष्टता घृणास्पद; यही कारण है कि परमेश्वर, आपके परमेश्वर ने हर्ष के तेल से आपको अभिषिक्त करके आपके समस्त साथियों से ऊंचे स्थान पर बसा दिया है.
८
आपके सभी वस्त्र गन्धरस, अगरू तथा तेजपात से सुगंधित किए गए हैं; हाथी-दांत से जड़ित राजमहल से मधुर तन्तु वाद्यों का संगीत आपको मगन करता रहता है.
९
आपके राज्य में आदरणीय स्त्रियों के पद पर राजकुमारियां हैं; आपके दायें पक्ष में ओफीर राज्य के कुन्दन से सजी राज-वधू विराजमान हैं.
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