स्तोत्र १३६:१४-२६
१४
और उसके मध्य की भूमि से इस्राएलियों को पार करवा दिया, सनातन है उनकी करुणा.
१५
किंतु फ़रोह और उसकी सेना को सागर ही में डुबो दिया; सनातन है उनकी करुणा.
१६
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने अपनी प्रजा को बंजर भूमि से पार कराया; सनातन है उनकी करुणा.
१७
जिन्होंने प्रख्यात राजाओं की हत्या की, सनातन है उनकी करुणा.
१८
जिन्होंने सशक्त राजाओं का वध कर दिया, सनातन है उनकी करुणा.
१९
अमोरियों के राजा सीहोन का, सनातन है उनकी करुणा.
२०
बाशान के राजा ओग का, सनातन है उनकी करुणा.
२१
तथा उनकी भूमि निज भाग में दे दी, सनातन है उनकी करुणा.
२२
अपने सेवक इस्राएल को, निज भाग में दे दी, सनातन है उनकी करुणा.
२३
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने हमारी दुर्दशा में हमारी सुधि ली, सनातन है उनकी करुणा.
२४
और हमें हमारे शत्रुओं से मुक्त किया, सनातन है उनकी करुणा.
२५
जो सब प्राणियों के आहार का प्रबंध करते हैं, सनातन है उनकी करुणा.
२६
स्वर्गिक परमेश्वर के प्रति आभार अभिव्यक्त करो, सनातन है उनकी करुणा.
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