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होशेआ ७:११-१६

विदेशी संधियों के कारण न्याय

होशेआ ७:११-१६
११
“एफ्राईम एक पेंडुकी की तरह है, जो आसानी से धोखा खाता है और निर्बुद्धि है— उन्होंने सहायता के लिए मिस्र को पुकारा, अब अश्शूर की ओर जाते हैं.
१२
जब वे जाते हैं, तब मैं उन पर अपना जाल डालूंगा; मैं उन्हें आकाश के पक्षियों के समान नीचे गिरा दूंगा. जब मैं सुनूंगा कि वे एक साथ झुंड में इकट्ठा हो रहे हैं, तो मैं उन्हें पकड़ लूंगा.
१३
उन पर हाय, क्योंकि वे मुझसे अलग हो गये हैं! सर्वनाश हो उनका, क्योंकि उन्होंने मेरे विरुद्ध विद्रोह किया है! मैं उन्हें छुड़ाने की इच्छा रखता हूं पर वे मेरे बारे में झूठ बोलते हैं.
१४
वे मुझे अपने हृदय से नहीं पुकारते पर अपने बिछौने पर पड़े विलाप करते हैं. अनाज और नई दाखमधु के लिये वे अपने देवताओं से याचना करते हुए अपने आपको घायल करते हैं, पर वे मुझसे दूर रहते हैं.
१५
मैंने उन्हें प्रशिक्षित किया और उनकी सेना को सशक्त किया, पर वे मेरे ही विरुद्ध षड़्‍यंत्र रचते हैं.
१६
वे सर्वोच्च परमेश्वर की ओर नहीं फिर रहे हैं; वे त्रुटिपूर्ण धनुष के समान हैं. उनके अगुएं घमंड से भरी बातों के कारण तलवार से मारे जाएंगे. इसी कारण से उन्हें मिस्र देश में ठट्ठों में उड़ाया जाएगा.
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