Skip to content
होशेआ १३:१-३

एप्रैम का विश्वासत्याग और पतन

होशेआ १३:१-३
१
जब एफ्राईम बोलता था तो लोग कांप उठते थे; वह इस्राएल में बड़ा आदमी था. पर वह बाल देवता की आराधना का दोषी हुआ और मर गया.
२
अब वे और अधिक पाप करते हैं; वे अपनी चांदी से स्वयं के लिये मूर्तियां बनाते हैं, जिनमें बुद्धिमानी से कारीगरी की गई है, और ये सब शिल्पकारों का काम है. इन लोगों के बारे में कहा जाता है, “वे मानव बलि चढ़ाते हैं! वे बछड़े की मूर्तियों को चूमते हैं!”
३
इसलिये वे सुबह के कोहरे, सुबह के ओस के समान हैं जो गायब हो जाती है, वे खलिहान की भूसी के समान हैं जो घूमते हुए उड़ जाती है, या वे खिड़की से बाहर आते धुएं के समान हैं.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options