Skip to content
कोलोस्सॉय ३:५-१०

कोलोस्सॉय ३:५-१०

इसलिये अपनी पृथ्वी की देह के अंगों को—वेश्यागामी, अशुद्धता, दुष्कामना, लालसा तथा लोभ को, जो वास्तव में मूर्ति पूजा ही है—मार दो
क्योंकि इन्हीं के कारण परमेश्वर का क्रोध भड़क उठता है.
एक समय तुम्हारा जीवन भी इन्हीं में लीन था.
किंतु अब तुम सभी क्रोध, रोष, बैरभाव, निंदा तथा गंदी भाषा का भी त्याग कर दो.
एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम पुराने स्वभाव को उसके कामों सहित उतार चुके
१०
और अब तुमने नए स्वभाव को धारण कर लिया है. यह स्वभाव अपने सृष्टिकर्ता की छवि के अनुसार वास्तविक ज्ञान के लिए नया होता जाता है.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options