2 इतिहास ११:१५
आसपास के संदर्भ के साथ पद १५ दिखाया जा रहा है।
१२
उसने हर एक नगर में ढालें और बर्छियां रख दीं और इन नगरों को बहुत ही मजबूत सुरक्षा के नगर बना दिए. इस प्रकार यहूदिया और बिन्यामिन प्रदेश ही उसके अधिकार में रह गए.
१३
पूरे इस्राएल के पुरोहित और लेवी वंशज रिहोबोयाम से सहमत थे और वे उसके साथ हो गए.
१४
यरोबोअम और उसके पुत्रों द्वारा याहवेह के लिए लेवियों की पौरोहितिक सेवा पर रोक लगाने के कारण वे अपनी चरागाह और संपत्ति को त्याग कर यहूदिया और येरूशलेम आ गए.
१५
यरोबोअम ने पूजा स्थलों पर बकरे देवता और बछड़े देवताओं की मूर्तियां प्रतिष्ठित कर दीं और इनके लिए खुद अपने ही चुने हुए व्यक्तियों को पुरोहित बना दिया.
१६
इस्राएल के सारे गोत्रों में से वे लोग, जो हृदय से इस्राएल के परमेश्वर याहवेह के खोजी थे, इन पुरोहितों और लेवियों का अनुसरण करते हुए अपने पूर्वजों के याहवेह परमेश्वर के लिए बलि चढ़ाने येरूशलेम चले जाते थे.
१७
ये लोग तीन साल तक शलोमोन के पुत्र रिहोबोयाम का समर्थन करने के द्वारा यहूदिया राज्य को मजबूत बना रहे थे, क्योंकि वे दावीद और शलोमोन की नीतियों का पालन तीन साल तक करते रहे.
१८
रिहोबोयाम ने दावीद की पोती, येरीमोथ की पुत्री माहलाथ से विवाह कर लिया. येरीमोथ की माता का नाम अबीहाइल था, वह यिशै के पुत्र एलियाब की पुत्री थी.
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