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1 कोरिंथ १६:१९-२४

अभिवादन और समापन की आशीष

1 कोरिंथ १६:१९-२४
१९
आसिया प्रदेश की कलीसियाओं का तुम्हें नमस्कार. अकुलॉस और प्रिस्का तथा उस कलीसिया की ओर से, जो उनके घर पर आराधना के लिए इकट्ठा होती है, प्रभु में तुम्हें बहुत-बहुत नमस्कार.
२०
यहां सभी भाई बहनों की ओर से तुम्हें नमस्कार. पवित्र चुंबन के साथ एक दूसरे का नमस्कार करो.
२१
मैं, पौलॉस तुम्हें अपने हाथ से यह नमस्कार लिख रहा हूं.
२२
जो कोई प्रभु से प्रेम नहीं करता, वह शापित हो. हे हमारे प्रभु आ!
२३
तुम पर प्रभु येशु मसीह का अनुग्रह हो.
२४
मसीह येशु में मेरा प्रेम तुम पर हमेशा रहे, आमेन.
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