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Journey of Israel Through The Desert के बारे में बाइबल के वचन

759 वचन · 177 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. याहवेह ने मोशेह से कहा,

  2. “हर एक परिवार समूह के लिये, जिन्हें गिना गया है, मीरास में पर्याप्‍त भूमि दी जाएगी.

  3. बड़ा परिवार समूह अधिक भूमि पाएगा, और छोटा परिवार समूह कम भूमि पाएगा. किंतु हर एक परिवार समूह को भूमि मिलेगी जिसके लिए मैंने वचन दिया है, और जो भूमि वे पाएंगे वह उनकी गिनी गई संख्या के बराबर होगी.

  4. हर एक परिवार समूह को लाटरी के आधार पर निश्चय करके धरती दी जाएगी और उस प्रदेश का वही नाम होगा जो उस परिवार समूह का होगा.

  5. वह प्रदेश बड़े और छोटे परिवार समूहों को पासे फेंककर मीरास बांट दिया जाएगा.”

  6. लेवी का परिवार समूह भी गिना गया. लेवी के परिवार समूह के ये परिवार हैं: गेरशोन से गेरशोनी परिवार; कोहाथ से कोहाथ परिवार; मेरारी से मेरारी परिवार.

  7. लेवी के परिवार समूह से ये परिवार भी थे: लिबनी परिवार, हेब्रोनी परिवार, माहली परिवार, मूशी परिवार, कोहाथ परिवार, (अमराम कहात के परिवार समूह का था;

  8. अमराम की पत्नी का नाम योकेबेद था. वह भी लेवी के परिवार समूह की थी. उसका जन्म मिस्र में हुआ था. अमराम और योकेबेद के दो पुत्र अहरोन और मोशेह थे. उनकी एक पुत्री मिरियम भी थी.

  9. नादाब, अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार का पिता था अहरोन.

  10. किंतु नादाब और अबीहू मर गए; क्योंकि उन्होंने याहवेह को उस आग से भेंट चढ़ाई जो उनके लिए स्वीकृत नहीं थी.)

  11. लेवी परिवार समूह के सभी पुरुषों की संख्या 23,000 थी. किंतु ये लोग इस्राएल के अन्य लोगों के साथ नहीं गिने गए थे. वे भूमि नहीं पा सके, जिसे अन्य लोगों को देने का वचन याहवेह ने दिया था.

  12. मोशेह और पुरोहित एलिएज़र ने इन सभी लोगों को गिना. उन्होंने इस्राएल के लोगों को मोआब के मैदान में गिना. यह येरीख़ो से यरदन नदी के पार था.

  13. बहुत समय पहले, मोशेह और पुरोहित अहरोन ने इस्राएल के लोगों को सीनायी मरुभूमि में गिना था. किंतु वे सभी लोग मर चुके थे. मोआब के मैदान में मोशेह ने जिन लोगों को गिना, वे पहले गिने गए लोगों से भिन्‍न थे.

  14. यह इसलिये हुआ कि याहवेह ने इस्राएल के लोगों से यह कहा था कि वे सभी मरुभूमि में मरेंगे. जो केवल दो जीवित बचे थे; येफुन्‍नेह का पुत्र कालेब और नून का पुत्र यहोशू!

  15. तब योसेफ़ के पुत्र मनश्शेह के परिवार से माखीर के पुत्र गिलआद के पुत्र हेफेर के पुत्र ज़लोफेहाद की पुत्रियां, जिनके नाम महलाह, नोहा, होगलाह, मिलकाह तथा तिरज़ाह थे,

  16. मोशेह, एलिएज़र तथा प्रधानों एवं सारी सभा की उपस्थिति में मिलनवाले तंबू के द्वार पर एकत्र हुईं. उन्होंने यह विनती की,

  17. “हमारे पिता की मृत्यु तो बंजर भूमि में ही हो चुकी थी. वह उनमें शामिल नहीं थे, जो कोराह के साथ मिलकर याहवेह के विरुद्ध हो गए थे, उनकी मृत्यु उन्हीं के पाप में हो गई. उनके कोई पुत्र न था.

  18. उनके कोई पुत्र न होने के कारण भला उनके परिवार में से उनका नाम क्यों मिट जाए? कृपया हमारे भाइयों के बीच में से हमें एक भाग दिया जाए.”

  19. फिर मोशेह ने यह विषय याहवेह के सामने रख दिया,

  20. तब याहवेह ने मोशेह को यह उत्तर दिया,

  21. “ज़लोफेहाद की पुत्रियों ने सुसंगत विषय प्रस्तुत किए हैं. ज़रूरी है कि तुम उन्हें उनके पिता के भाइयों के बीच में एक मीरास का अंश प्रदान करो. तुम उनके पिता की मीरास उनके नाम लिख दोगे.

  22. “तुम इस्राएल के घराने को यह भी सूचित करोगे, ‘यदि किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो जाए, जिसके कोई पुत्र ही नहीं है, तब उसकी मीरास उसकी पुत्री के नाम कर देना.

  23. यदि उसके कोई पुत्री भी न हो, तब तुम उसकी मीरास उसके भाइयों के नाम कर दोगे.

  24. यदि उसके कोई भाई भी नहीं हो, तब तुम उसके पिता के भाइयों को उसकी मीरास प्रदान कर दोगे.

  25. यदि उसके पिता के कोई भाई भी न हो, तब तुम उसकी मीरास उसके परिवार में उसके ही निकटतम संबंधी को प्रदान कर दोगे, वह मीरास उसकी हो जाएगी. यह इस्राएल के घराने के लिए न्याय की विधि होगी, ठीक जैसा आदेश याहवेह द्वारा मोशेह को दिया गया था.’ ”