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Happiness of Saints In This Life के बारे में बाइबल के वचन: Described by Christ in the beatitudes

10 वचन · 19 पहलू

Described by Christ in the beatitudes पर वचन

  1. “धन्य हैं वे, जो दीन आत्मा के हैं, क्योंकि स्वर्ग-राज्य उन्हीं का है.

  2. धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं. क्योंकि उन्हें शांति दी जाएगी.

  3. धन्य हैं वे, जो नम्र हैं क्योंकि पृथ्वी उन्हीं की होगी.

  4. धन्य हैं वे, जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि उन्हें तृप्‍त किया जाएगा.

  5. धन्य हैं वे, जो कृपालु हैं, क्योंकि उन पर कृपा की जाएगी.

  6. धन्य हैं वे, जिनके हृदय शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे.

  7. धन्य हैं वे, जो शांति कराने वाले हैं, क्योंकि वे परमेश्वर की संतान कहलाएंगे.

  8. धन्य हैं वे, जो धर्म के कारण सताए गए हैं, क्योंकि स्वर्ग-राज्य उन्हीं का है.

  9. “धन्य हो तुम, जब लोग तुम्हारी निंदा करें और सताएं तथा तुम्हारे विषय में मेरे कारण सब प्रकार के बुरे विचार फैलाते हैं.

  10. हर्षोल्लास में आनंद मनाओ क्योंकि तुम्हारा प्रतिफल स्वर्ग में है. उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को भी इसी रीति से सताया था, जो तुमसे पहले आए हैं.