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Abihu

12 वचन · 5 परिवार के सदस्य

Abihu का उल्लेख करने वाले वचन

  1. अहरोन ने अम्मीनादाब की पुत्री, नाहशोन की बहन एलिशेबा से विवाह किया, जिसने नादाब, अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार को जन्म दिया.

  2. फिर याहवेह ने मोशेह से कहा, “तुम और अहरोन, नादाब, अबीहू और इस्राएल के सत्तर अगुए याहवेह के पास ऊपर आकर दूर से याहवेह को दंडवत करना.

  3. फिर मोशेह, अहरोन, नादाब तथा अबीहू और इस्राएल के सत्तर अगुओं को साथ लेकर ऊपर गए.

  4. “इस्राएलियों में से अपने भाई अहरोन और उसके पुत्र नादाब और अबीहू, एलिएज़र और इथामार को बुलाना, ताकि वे मेरे लिए पुरोहित का काम करें.

  5. अहरोन के पुत्र नादाब और अबीहू ने अपने-अपने धूपदान लिए और उनमें अग्नि रखने के बाद लोबान भी रखा. इस प्रकार उन्होंने याहवेह के सामने बिना आज्ञा की अपवित्र अग्नि भेंट की; याहवेह की ओर से इसका आदेश न था.

  6. अहरोन के पुत्रों के नाम: जेठा पुत्र नादाब फिर अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार.

  7. इनमें नादाब तथा अबीहू की मृत्यु उस परिस्थिति में याहवेह के ही सामने हो गई थी, जब उन्होंने सीनायी के निर्जन प्रदेश के रास्ते याहवेह को भेंट चढ़ाई, किंतु उन्होंने अपवित्र आग का उपयोग किया. ये दोनों निस्संतान थे. इस कारण एलिएज़र तथा इथामार ही अपने पिता अहरोन के जीवनकाल में पुरोहित का काम करते रहे.

  8. नादाब, अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार का पिता था अहरोन.

  9. किंतु नादाब और अबीहू मर गए; क्योंकि उन्होंने याहवेह को उस आग से भेंट चढ़ाई जो उनके लिए स्वीकृत नहीं थी.)

  10. अमराम की संतान: अहरोन, मोशेह और मिरियम. अहरोन के पुत्र: नादाब, अबीहू, एलिएज़र और इथामार.

  11. अहरोन-वंशजों के समूह ये थे: अहरोन के पुत्र थे नादाब, अबीहू, एलिएज़र और इथामार.

  12. मगर नादाब और अबीहू की मृत्यु उनके पिता के देखते-देखते हो गई थी. उनके कोई संतान भी न थी. फलस्वरूप एलिएज़र और इथामार ने पौरोहितिक कार्यभार अपने ऊपर ले लिया.