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Ithamar

20 वचन · 5 परिवार के सदस्य

Ithamar का उल्लेख करने वाले वचन

  1. अहरोन ने अम्मीनादाब की पुत्री, नाहशोन की बहन एलिशेबा से विवाह किया, जिसने नादाब, अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार को जन्म दिया.

  2. “इस्राएलियों में से अपने भाई अहरोन और उसके पुत्र नादाब और अबीहू, एलिएज़र और इथामार को बुलाना, ताकि वे मेरे लिए पुरोहित का काम करें.

  3. मोशेह के आदेश के अनुसार बनाए गए पवित्र स्थान और वाचा के पवित्र स्थान के निर्माण में जो जो सामग्रियां उपयोग में आई थीं, उन सभी की गिनती, जो पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार के नेतृत्व में लेवियों द्वारा की गई, वह इस प्रकार है:

  4. इसके बाद मोशेह ने अहरोन और उनके पुत्र एलिएज़र और इथामार को यह आदेश दिया, “अपने सिर के बालों को न मुंडाओ और न ही अपने वस्त्र फाड़ो, ऐसा न हो कि तुम्हारी मृत्यु हो जाए और याहवेह का क्रोध सारी सभा पर भड़क उठे. केवल तुम्हारे भाई अर्थात् इस्राएल की सारी प्रजा याहवेह के द्वारा लगाई हुई इस आग के लिए विलाप करे.

  5. फिर मोशेह ने अहरोन और उनके दोनों बचे हुए पुत्रों, एलिएज़र और इथामार को यह आदेश दिया, “याहवेह को अग्नि में अर्पित अन्‍नबलि में से शेष रह गए भाग, जो खमीर रहित है, उसको लेकर वेदी के निकट ही खाओ, क्योंकि यह परम पवित्र है.

  6. किंतु मोशेह ने पापबलि के लिए निर्धारित बकरे के विषय में खोजबीन की, तो मालूम हुआ कि उसको तो जलाया जा चुका है! इसलिये मोशेह अहरोन के बचे हुए पुत्रों एलिएज़र तथा इथामार पर क्रोधित हो गए. मोशेह ने उनसे यह प्रश्न किया,

  7. अहरोन के पुत्रों के नाम: जेठा पुत्र नादाब फिर अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार.

  8. इनमें नादाब तथा अबीहू की मृत्यु उस परिस्थिति में याहवेह के ही सामने हो गई थी, जब उन्होंने सीनायी के निर्जन प्रदेश के रास्ते याहवेह को भेंट चढ़ाई, किंतु उन्होंने अपवित्र आग का उपयोग किया. ये दोनों निस्संतान थे. इस कारण एलिएज़र तथा इथामार ही अपने पिता अहरोन के जीवनकाल में पुरोहित का काम करते रहे.

  9. गेरशोनियों का उनके परिवारों के अनुसार मिलनवाले तंबू में किए जाने के कार्यों का विवरण यही है, तथा उनकी सेवाओं के विषय में निर्देश पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार द्वारा प्रदान किए जाएंगे.

  10. मिलनवाले तंबू में पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार के निर्देश में मेरारी के वंशजों के परिवारों द्वारा की जाने के लिए निर्धारित सेवा यही होगी.”

  11. चार गाड़ियां तथा आठ बैल मेरारी के घराने को, उनके कार्य के अनुसार सौंप दिए. वे ये सेवा पुरोहित अहरोन के पुत्र इथामार की देखभाल में करते थे.

  12. नादाब, अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार का पिता था अहरोन.

  13. अमराम की संतान: अहरोन, मोशेह और मिरियम. अहरोन के पुत्र: नादाब, अबीहू, एलिएज़र और इथामार.

  14. अहरोन-वंशजों के समूह ये थे: अहरोन के पुत्र थे नादाब, अबीहू, एलिएज़र और इथामार.

  15. मगर नादाब और अबीहू की मृत्यु उनके पिता के देखते-देखते हो गई थी. उनके कोई संतान भी न थी. फलस्वरूप एलिएज़र और इथामार ने पौरोहितिक कार्यभार अपने ऊपर ले लिया.

  16. एलिएज़र वंशज सादोक और इथामार-वंशज अहीमेलेख के साथ मिलकर दावीद ने सेवा के लिए उनके पदों के अनुसार उनके समूहों को बांट दिया.

  17. इसलिये कि एलिएज़र-वंशजों में इथामार-वंशजों से संख्या में ज्यादा मुख्य पाए गए, उनका बंटवारा इस प्रकार किया गया: एलिएज़र-वंशजों में सोलह और इथामार-वंशजों में आठ मुख्य पाए गए, ये दोनों ही उनके घरानों के अनुसार थे.

  18. पासा फेंकने की प्रथा के द्वारा इन सभी का बंटवारा किया गया था; बिना किसी भेद-भाव के सभी का, क्योंकि वे मंदिर के, हां, परमेश्वर के लिए चुने गए अधिकारी थे. ये दोनों ही एलिएज़र और इथामार-वंशज थे.

  19. लेवियों में से नेथानेल के पुत्र शेमायाह ने राजा, शासकों, पुरोहित सादोक, अबीयाथर के पुत्र अहीमेलेख और पुरोहितों के घरानों और लेवियों के सामने इन्हें लिख लिया. एक घराना एलिएज़र के लिए और एक घराना इथामार के लिए लिखा गया.

  20. फिनिहास वंशज; गेरशोम; इथामार-वंशज; दानिएल दावीद के वंशज; हत्तुष