ज़करयाह १४:२०
आसपास के संदर्भ के साथ पद २० दिखाया जा रहा है।
१७
और यदि पृथ्वी के लोगों में से कोई भी राजा, सर्वशक्तिमान याहवेह की आराधना करने के लिये येरूशलेम नहीं जाएगा, तो उनके यहां वर्षा न होगी.
१८
यदि मिस्र के लोग आराधना और उत्सव में भाग लेने के लिये नहीं जाएंगे, तो उनके यहां भी वर्षा न होगी. याहवेह उन पर वह महामारी लायेगा, जो वह उन जनताओं पर लाता है, जो तंबुओं का उत्सव मनाने नहीं जाते हैं.
१९
यह मिस्र देश के लोगों की सजा और उन सब जनताओं की सजा होगी, जो तंबुओं का उत्सव मनाने नहीं जाते हैं.
२०
उस दिन घोड़ों की गर्दन में लटकी घण्टियों पर ये शब्द खुदे हुए होंगे, “याहवेह के लिए पवित्र,” और याहवेह के भवन में भोजन पकाने के बर्तन, वेदी के सामने रखे पवित्र कटोरों के समान होंगे.
२१
येरूशलेम और यहूदिया में हर एक बर्तन सर्वशक्तिमान याहवेह के लिये पवित्र होगा, और वे सब जो बलि चढ़ाने के लिए आएंगे, वे उन बर्तनों में से कुछ को लेंगे और उनमें पकायेंगे. और उस दिन सर्वशक्तिमान याहवेह के भवन में फिर कोई कनानी (व्यापारी) न होगा.
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