सर्वश्रेष्ठ गीत २:१-३
१
मैं शारोन का गुलाब हूं, घाटियों की कुमुदिनी.
२
कन्याओं के बीच मेरी प्रिया कांटों के बीच कुमुदिनी के समान है.
३
मेरा प्रियतम जवानों के बीच वैसा ही लगता है, जैसा जंगली पेड़ों के बीच एक सेब का पेड़. उसकी छाया में मेरा बैठना सुखद अनुभव था, मीठा था उसके फल का स्वाद.