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प्रकाशन १७:३-५

प्रकाशन १७:३-५

३
वह स्वर्गदूत मुझे मेरी आत्मा में ध्यानमग्न कर एक बंजर भूमि में ले गया. वहां मैंने एक स्त्री को लाल रंग के एक हिंसक जानवर पर बैठे देखा, जो परमेश्वर की निंदा के शब्द से ढका सा था और इसके सात सिर तथा दस सींग थे.
४
वह स्त्री बैंगनी और लाल रंग के वस्त्र तथा सोने, रत्नों तथा मोतियों के आभूषण धारण की हुई थी. उसके हाथ में सोने का प्याला था, जो अश्लीलता तथा स्वयं उसकी वेश्यागामी की गंदगी से भरा हुआ था.
५
उसके माथे पर एक नाम, एक रहस्य लिखा था: भव्य महानगरी बाबेल पृथ्वी पर व्यभिचारणियों की माता और सारी अश्लीलताओं की जननी.
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