Skip to content
स्तोत्र ७३:३-४

स्तोत्र ७३:३-४

३
मुझे दुर्जनों की समृद्धि से डाह होने लगी थी क्योंकि मेरा ध्यान उनके घमंड पर था.
४
मृत्यु तक उनमें पीड़ा के प्रति कोई संवेदना न थी; उनकी देह स्वस्थ तथा बलवान थी.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options