Skip to content
स्तोत्र ४६:१-७

स्तोत्र ४६:१-७

संगीत निर्देशक के लिये. कोराह के पुत्रों की रचना. अलामोथ धुन पर आधारित. एक गीत. परमेश्वर हमारे आश्रय-स्थल एवं शक्ति हैं, संकट की स्थिति में सदैव उपलब्ध सहायक.
तब हम भयभीत न होंगे, चाहे पृथ्वी विस्थापित हो जाए, चाहे पर्वत महासागर के गर्भ में जा पड़ें,
हां, तब भी जब समुद्र गरजना करते हुए फेन उठाने लगें और पर्वत इस उत्तेजना के कारण थर्रा जाएं.
परमेश्वर के नगर में एक नदी है, जिसकी जलधारा में इस नगर का उल्लास है, यह नगर वह पवित्र स्थान है, जहां सर्वोच्च परमेश्वर निवास करते हैं.
परमेश्वर इस नगर में निवास करते हैं, इस नगर की क्षति न होगी; हर एक अरुणोदय में उसके लिए परमेश्वर की सहायता मिलती रहेगी.
राष्ट्रों में खलबली मची हुई है, राज्य के लोग डगमगाने लगे; परमेश्वर के एक आह्वान पर, पृथ्वी पिघल जाती है.
सर्वशक्तिमान याहवेह हमारे पक्ष में हैं; याकोब के परमेश्वर में हमारी सुरक्षा है.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options