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स्तोत्र ४:७-८

स्तोत्र ४:७-८

७
जिन्हें अन्‍न और दाखमधु की बड़ी उपज प्राप्‍त हुई है, उनसे भी अधिक आनंद से आपने मेरे हृदय भर दिया है.
८
मैं शांतिपूर्वक लेटूंगा और सो जाऊंगा, क्योंकि याहवेह, मात्र आप ही मुझे, सुरक्षापूर्ण विश्राम प्रदान करते हैं.
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