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स्तोत्र २८:८-९

परमेश्वर की प्रजा के उद्धार के लिए प्रार्थना

स्तोत्र २८:८-९
याहवेह अपनी प्रजा का बल हैं, अपने अभिषिक्त के लिए उद्धार का दृढ़ गढ़ हैं.
आप अपनी मीरास को उद्धार प्रदान कीजिए और उसे आशीष दीजिए; उनके चरवाहा होकर उन्हें सदा-सर्वदा संभालते रहिए.
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