Skip to content
स्तोत्र १७:१-५

न्यायपूर्ण सुनवाई के लिए विनती

स्तोत्र १७:१-५

न्यायपूर्ण सुनवाई के लिए विनती

दावीद की एक प्रार्थना याहवेह, मेरा न्याय संगत, अनुरोध सुनिए; मेरी पुकार पर ध्यान दीजिए. मेरी प्रार्थना को सुन लीजिए, जो कपटी होंठों से निकले शब्द नहीं हैं.
आपके द्वारा मेरा न्याय किया जाए; आपकी दृष्टि में वही आए जो धर्ममय है.
आप मेरे हृदय को परख चुके हैं, रात्रि में आपने मेरा ध्यान रखा है, आपने मुझे परखकर निर्दोष पाया है; मैंने यह निश्चय किया है कि मेरे मुख से कोई अपराध न होगा.
मनुष्यों के आचरण के संदर्भ में, ठीक आपके ही आदेश के अनुरूप मैं हिंसक मनुष्यों के मार्गों से दूर ही दूर रहा हूं.
मेरे पांव आपके मार्गों पर दृढ़ रहें; और मेरे पांव लड़खड़ाए नहीं.

इसे भी देखें

शास्त्र में अन्य संदर्भ

  • स्तोत्र २६:२

    याहवेह, मुझे परख लीजिए, मेरा परीक्षण कर लीजिए, मेरे हृदय और मेरे मन को परख लीजिए;
    पद ३ से
  • प्रेरितों ११:२३

    वहां पहुंचकर जब बारनबास ने परमेश्वर के अनुग्रह के प्रमाण देखे तो वह बहुत आनंदित हुए और उन्होंने उन्हें पूरी लगन के साथ प्रभु में स्थिर बने रहने के लिए प्रोत्साहित किया.
    पद ३ से
  • अय्योब २३:१०

    किंतु उन्हें यह अवश्य मालूम रहता है कि मैं किस मार्ग पर आगे बढ़ रहा हूं; मैं तो उनके द्वारा परखे जाने पर कुन्दन समान शुद्ध प्रमाणित हो जाऊंगा.
    पद ३ से
  • स्तोत्र ३९:१

    संगीत निर्देशक के लिये. यदूथून के लिए. दावीद का एक स्तोत्र. मैंने निश्चय किया, “मैं पाप करने से अपने आचरण एवं जीभ से अपने बोलने की चौकसी करूंगा; यदि मैं दुष्टों की उपस्थिति में हूं, मैं अपने वचनों पर नियंत्रण रखूंगा.”
    पद ३ से
  • स्तोत्र ४४:१८

    हमारे हृदय आपसे बहके नहीं; हमारे कदम आपके मार्ग से भटके नहीं.
    पद ५ से
  • स्तोत्र १४२:६

    मेरी पुकार पर ध्यान दीजिए, क्योंकि मैं अब थक चुका हूं; मुझे उनसे छुड़ा लीजिए, जो मुझे दुःखित कर रहे हैं, वे मुझसे कहीं अधिक बलवान हैं.
    पद १ से
  • मलाकी ३:२

    पर उसके आने के दिन को कौन सह सकता है? जब वह प्रगट होगा, तो उसके आगे कौन खड़ा रह सकेगा? क्योंकि वह सोनार की भट्टी के समान प्रचंड या धोबी के साबुन के जैसा होगा.
    पद ३ से
  • स्तोत्र ६६:१०

    परमेश्वर, आपने हमारी परीक्षा ली; आपने हमें चांदी जैसे परिशुद्ध किया है.
    पद ३ से
  • स्तोत्र ११९:१०६

    मैंने यह शपथ ली है और यह सुनिश्चित किया है, कि मैं आपके धर्ममय नियमों का ही पालन करता जाऊंगा.
    पद ३ से
  • स्तोत्र १३९:१

    संगीत निर्देशक के लिये. दावीद की रचना. एक स्तोत्र. याहवेह, आपने मुझे परखा है, और जान लिया है.
    पद ३ से
  • ज़करयाह १३:९

    इन एक तिहाई लोगों को मैं आग में डाल दूंगा; मैं उन्हें चांदी की तरह परिष्कृत करूंगा और उन्हें ऐसे परखूंगा, जैसे सोने को परखा जाता है. वे लोग मेरा नाम लेकर पुकारेंगे और मैं उनकी सुनूंगा; मैं कहूंगा, ‘वे मेरे लोग हैं,’ और वे कहेंगे, ‘याहवेह हमारे परमेश्वर हैं.’ ”
    पद ३ से
  • स्तोत्र ११९:१३३

    अपनी प्रतिज्ञा के अनुरूप मेरे पांव को स्थिर कर दीजिए; कोई भी दुष्टता मुझ पर प्रभुता न करने पाए.
    पद ५ से
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options