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स्तोत्र १४९:१-५

आनन्दमय स्तुति का आह्वान

स्तोत्र १४९:१-५
१
याहवेह का स्तवन हो. याहवेह के लिए एक नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उनका स्तवन किया जाए.
२
इस्राएल अपने कर्ता में आनंदित हो; ज़ियोन की सन्तति अपने राजा में उल्‍लसित हो.
३
वे उनकी महिमा में नृत्य के साथ स्तवन करें; वे खंजरी और किन्‍नोर की संगत पर संगीत गाया करें.
४
क्योंकि याहवेह का आनंद उनकी प्रजा में मगन है; वह भोले पुरुष को उद्धार से सुशोभित करते हैं.
५
सात्विक उनके पराक्रम में प्रफुल्लित रहें, यहां तक कि वे अपने बिछौने पर भी हर्षोल्लास में गाते रहें.
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