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स्तोत्र १२२:३-५

पवित्र नगर का उद्देश्य

स्तोत्र १२२:३-५
३
येरूशलेम उस नगर के समान निर्मित है, जो संगठित रूप में बसा हुआ है.
४
यही है वह स्थान, जहां विभिन्‍न कुल, याहवेह के कुल, याहवेह के नाम के प्रति आभार प्रदर्शित करने के लिए जाया करते हैं जैसा कि उन्हें आदेश दिया गया था.
५
यहीं न्याय-सिंहासन स्थापित हैं, दावीद के वंश के सिंहासन.

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.