३
येरूशलेम उस नगर के समान निर्मित है, जो संगठित रूप में बसा हुआ है.
४
यही है वह स्थान, जहां विभिन्न कुल, याहवेह के कुल, याहवेह के नाम के प्रति आभार प्रदर्शित करने के लिए जाया करते हैं जैसा कि उन्हें आदेश दिया गया था.
५
यहीं न्याय-सिंहासन स्थापित हैं, दावीद के वंश के सिंहासन.