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सूक्ति संग्रह २६:१३-१६

सूक्ति संग्रह २६:१३-१६

१३
आलसी कहता है, “मार्ग में सिंह है, सिंह गलियों में छुपा हुआ है!”
१४
आलसी अपने बिछौने पर वैसे ही करवटें बदलते रहता है, जैसे चूल पर द्वार.
१५
आलसी अपना हाथ भोजन की थाली में डाल तो देता है; किंतु आलस्यवश वह अपना हाथ मुख तक नहीं ले जाता.
१६
अपने विचार में आलसी उन सात व्यक्तियों से अधिक बुद्धिमान होता है, जिनमें सुसंगत उत्तर देने की क्षमता होती है.
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