नेहेमियाह १२:१२-२६
१२
योइआकिम के दिनों में पुरोहित और पितरों के मुखिया ये थे: सेराइयाह के कुल से मेराइयाह; येरेमियाह कुल से हनानियाह;
१३
एज़्रा कुल से मेशुल्लाम; अमरियाह कुल से येहोहानन;
१४
मल्लूख से योनातन; शेबानियाह से योसेफ़;
१५
हारिम से आदना; मेराइओथ से हेलकाइ;
१६
इद्दो से ज़करयाह; गिन्नेथौन से मेशुल्लाम;
१७
अबीयाह से ज़ीकरी; मिनियामिन और मोआदियाह से पिलताई;
१८
बिलगाह से शम्मुआ; शेमायाह से योनातन;
१९
योइआरिब से मत्तेनाइ; येदाइयाह से उज्जी;
२०
सल्लू से कल्लाई; अमोक से एबर;
२१
हिलकियाह से हशाबियाह, और येदाइयाह के कुल से नेथानेल.
२२
लेवियों के संबंध में यह हुआ, कि उनके पितरों के प्रधानों का नाम एलियाशिब, योइयादा, योहानन और यद्दुआ के समय में लिखा गया था. उसी प्रकार पुरोहितों का नाम भी फ़ारस के राजा दारयावेश के समय में लिखा गया था.
२३
लेवी के वंशज, जो पितरों के मुखिया थे, उनका नाम एलियाशिब के पुत्र योहानन के समय में लिखा जा चुका था.
२४
हशाबियाह, शेरेबियाह और कदमिएल का पुत्र येशुआ लेवियों में प्रमुख थे. इनका चुनाव परमेश्वर के भक्त दावीद की आज्ञा के अनुसार समूहों में स्तुति और धन्यवाद देने के लिए किया गया था. इनके रिश्तेदार इनके सामने खड़े हुआ करते थे.
२५
मत्तनियाह, बकबुकियाह, ओबदिया, मेशुल्लाम, तालमोन और अक्कूब द्वारपाल थे, जो फाटकों के पास के भंडारों की चौकसी करते रहते थे.
२६
ये योज़ादक के पोते, येशुआ के पुत्र, योइआकिम और राज्यपाल नेहेमियाह और पुरोहित और शास्त्री एज़्रा के समय के सेवक थे.
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