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मत्तियाह २:१३-१८

मत्तियाह २:१३-१८

१३
उनके विदा होने के बाद प्रभु का एक दूत ने योसेफ़ को एक स्वप्न में प्रकट होकर आज्ञा दी, “उठो, बालक और उसकी माता को लेकर मिस्र देश को भाग जाओ और उस समय तक वहीं ठहरे रहना जब तक मैं तुम्हें आज्ञा न दूं क्योंकि हेरोदेस हत्या की मंशा से बालक को खोज रहा है.”
१४
इसलिये योसेफ़ उठे और अभी, जबकि रात ही थी, उन्होंने बालक और उसकी माता को लेकर मिस्र देश को प्रस्थान किया.
१५
वे वहां हेरोदेस की मृत्यु तक ठहरे रहे कि प्रभु का यह वचन पूरा हो, जो उन्होंने एक भविष्यवक्ता के माध्यम से कहा था: “मिस्र देश से मैंने अपने पुत्र को बुलाया.”
१६
यह मालूम होने पर कि ज्योतिष उसे मूर्ख बना गए, हेरोदेस बहुत ही क्रोधित हुआ. ज्योतिषियों से मिली सूचना के आधार पर उसने बेथलेहेम नगर और उसके नज़दीकी क्षेत्र में दो वर्ष तथा उससे कम आयु के सभी शिशुओं के विनाश की आज्ञा दे दी.
१७
इससे भविष्यवक्ता येरेमियाह द्वारा पूर्वघोषित इस वचन की पूर्ति हुई:
१८
“रमाह नगर में एक शब्द सुना गया, रोना तथा घोर विलाप! राहेल अपने बालकों के लिए रो रही है. धीरज उसे स्वीकार नहीं क्योंकि अब वे हैं ही नहीं.”

बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.